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कुपोषण से मुसहरों की मौत को विधान सभा में उठाएंगे : अजय कुमार लल्लू

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कुशीनगर। कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता अजय कुमार लल्लू ने कुशीनगर जिला मुख्यालय पडरौना से सटे जंगल खिरकिया में मुसहर भाइयों और दुदही ब्लाक के दुलमा पट्टी गांव में महिला व उसके दो बच्चों की की मौत के मामले को विधान सभा में उठाने की घोषणा की है. उन्होंने दोनों परिवारों को तत्काल 10-10 लाख रूपये मुआवजा देने की मांग की है.

यह बातें कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता अजय कुमार लल्लू ने पीडित परिवारों से मुलाकात कर जारी प्रेस विज्ञप्ति में कही। उन्होंने कहा कि सत्ता संभालने के पूर्व और बाद में प्रदेष के मुखिया मुसहर समाज का रहनुमा घोषित किये कसया के पास मुसहर बस्ती का दौरा कर उनके उत्थान की तथाकथित बाते की. इतना ही नहीं विधानसभा में भी इस वर्ग के कल्याण की के लिए कई सारी योजनाओं को गिनाकर दंभ भरा. योजनाओं को बढ़ाचढ़ाकर प्रस्तुत करना इस पार्टी के चरित्र और चाल में है, जिसकी कलई मुसहर समाज के लोगों की मौत ने खोल दी है. उन्होने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष में रहते हुए मुख्यमंत्री जी ने सक्रियता और संवेदना दिखायी, सत्ता आने पर वह कहां गया ?  मुख्यमंत्री जी बगल के जिले से होकर कल गये लेकिन भूख और कुपोषण के कारण हुई इस मौत पर संवेदना प्रगट करने के लिए कुछ समय नहीं निकाल पाये, यह सत्ता की शक्ति तो है ही उसका मद भी है.

कांग्रेस विधायक ने कहा कि जंगल खिरकिया के सुनवा देवी के दो लाल मौत के गाल में समा गये, सिर्फ इसलिए कि इनके पास कोई रोजगार नहीं था, कोई खेती नहीं थी। पैसों के अभाव में पोषण आहार नहीं मिला और कुपोषण के शिकार बने. यह घटना सरकार के मुंह पर तमाचा है. जिला मुख्यालय और जिला अस्पताल से सटे गांव की हालात यह है तो दूर के गांव में रहने वाले गरीब परिवारों की हालात भगवान भरोसे है. सरकार ने मुसहरों को भूमि का पट्टा दिया था, किंतु इस परिवार की जमीन झरही में होने के कारण खेती से वंचित हैं. यह भी एक प्रकार का भ्रष्टाचार है जिसमें वंचित परिवारों को जमीन तो दी जाती है किंतु वह खेती लायक नहीं रहती. यह घटना गरीबी के दंश के कारण हुई है। केवल उनकी माॅं के पास ही राशन कार्ड था, फेंकू के नाम से राशन कार्ड नहीं बना था। बीमारी से मरने की बात का जिलाधिकारी का तर्क प्रशासन की संवेदना पर प्रश्न खड़ा करता है।

श्री लल्लू ने कहा कि जिले में गिनती के मुसहर परिवार है, एक-एक परिवार का फालेाअप करके उनके जीवन को बेहतर बनाया जा सकता है, किंतु यह सरकारी एजेण्डा से गायब है। पूरे साल यह समाज अन्याय, अत्याचार और शोषण का शिकार होता है, तो सत्ताधारी पार्टी समरसता भोज, भ्रमण और रात्रि चैपाल का नाटक कर झूठा दिलासा दिलाती है। उन्होंने मांग की कि समयबद्व अभियान चलाकर भूमिहीन मुसहर परिवारों को खेती करने के लिए दो बीघा जमीन और पूर्व में इन परिवारों को आवंटित की गयी जमीन को खेती लायक बनाकर उस पर कब्ज़ा दिलाया जाय. साथ ही उनके स्वावलम्बी जीवन यापन के लिए आजीविका की योजनाओं से जोड़कर नियमित और साप्ताहिक रूप से प्रगति की जांच की जाय। रोजगार गांरटी कानून के अंतर्गत इन परिवारों को प्राथमिकता देकर काम उपलब्ध कराया जाये। जिले में मुसहर समाज के बच्चों की पढ़ाई के लिए विशेष आवासीय विद्यालय संचालित की जाय और हर एक परिवार के विकास और स्वावलम्बी जीवन के योजना बनाकर काम करे।

उन्होंने दोनों परिवारों को 10-10 लाख का मुआवजा देने और दोषी अधिकारियों को दण्डित करने की मांग की. उन्होंने इस मुद्दे पर सड़क से सदन तक आंदोलन करने और सदन में उठाकर सरकार की घेराबंदी करने की घोषणा की।

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