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अवसाद में एक और शिक्षा मित्र की गई जान

गोरखपुर । गुरुवार को सहजनवा क्षेत्र के ग्राम सभा बनगांवा निवासी शिक्षामित्र गणेश प्रसाद की मृत्यु हो गई. वह समायोजन निरस्त होने और 69000 सहायक अध्यापक भर्ती में कट ऑफ से कम नंबर आने से अवसाद में थे.

शिक्षामित्र गणेश प्रसाद की प्रथम सहायक अध्यापक पद पर समायोजन व नियुक्ति 1 अगस्त 2014 को प्राथमिक विद्यालय हड़हापार क्षेत्र गगहा गोरखपुर में हुई थी. सुप्रीम कोर्ट द्वारा 25 जुलाई 2017 को शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द किये जाने के बाद से वह अवसाद में थे. वह 6 जनवरी को हाल ही में हुए 69000 सहायक अध्यापक शिक्षक भर्ती की परीक्षा में शामिल हुए थे. नये कट आफ से नंबर कम आने पर वह काफी परेशान थे. गुरुवार को उनका ब्रेन हेमरेज हो गया और इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई । वह अपने पीछे दो पुत्र मनीष कुमार (16), सुधीर कुमार (18 ) तथा एक पुत्री साक्षी (14) को छोड़ गये  हैं.

गणेश प्रसाद की मृत्यु की खबर सुनकर पूरे जनपद के शिक्षामित्रों में शोक है. उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के जिला अध्यक्ष रामनगीना निषाद की अध्यक्षता में नार्मल कंपाउंड में एक शोक सभा का आयोजन कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई । इस दौरान राम नगीना निषाद ने सरकार पर आरोप लगाया कि प्रदेश में 1000 से अधिक शिक्षामित्रों की मौत अवसाद के कारण हो गई है लेकिन सरकार शिक्षामित्रों के प्रति अपनी संवेदनहीनता को दिखाते हुए सौतेला व्यवहार ही करता चला आ रहा है । सहायक अध्यापक परीक्षा में 90 व 97 अंक का कट आफ का कोई औचित्य नहीं था फिर भी यह सब शिक्षामित्रों को हटाने के लिए कुचक्र रचा गया है.

शोक सभा के दौरान अशोक चंद्रा,राकेश कुमार साहनी, सतीश कुमार, रामप्रवेश,दिलीप सिंह, रामाशीष यादव ,आनंद मिश्रा, राम भजन निषाद,राम सिंह ,हरेंद्र यादव ,प्रदीप गुप्ता, अजीत कुमार आदि दर्जनों शिक्षामित्र उपस्थित रहे ।

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