जनपद

हजरत तबारक खां शहीद के दर से मिला नेक और एक बनने का पैगाम

दो दिवसीय उर्स-ए-मुबारक सम्पन्न
 
-कुल शरीफ के साथ पेश हुई सरकारी चादर
 
गोरखपुर, 27 दिसम्बर। प्रेमचंद पार्क  रोड बेतियाहाता स्थित दरगाह पर हजरत बाबा तबारक खां शहीद अलैहिर्रहमां का दो दिवसीय उर्स-ए-मुबारक अदबो ऐहतराम के साथ सम्पन्न हुआ। हजरत तबारक खां शहीद के दर पर कौमी एकता दिखी। हर मजहब के मानने वालों ने अपनी अकीदत के मुताबिक दरगाह की जियारत की और पारंपरिक रस्मों में हिस्सा लिया। उर्स का पैगाम मिला नेक बने एक बने। रसूल और कुरआन की तालीम पर मुकम्मल अमल करें।
मंगलवार की भोर में मजार शरीफ का गुस्ल हुआ। अल सुबह  नमाज के बाद कुरआन खानी की गयी। बड़ी संख्या में लोगों ने कुरआन शरीफ की तिलावत की। प्रात: 9 बजे कुल शरीफ (कुछ खास कुरआनी आयतों की तिलावत) की रस्म अदा की गयी। जिसमें अकीदतमंद शामिल हुए। सायं छह बजे नार्मल स्थित हजरत मुबारक खां शहीद अलैहिर्रहमां के आस्ताने से सरकारी चादर, गागर का जुलूस निकल दरगाह हजरत तबारक खां शहीद पहुंचा। मजार पर चादर चढ़ाई गयी। रात्रि नमाज के बाद लंगर (खाना) बांटा गया। इसके बाद महफिले शमां (कव्वाली) हुई। जिसमें हनीफ वारसी ने वलियों की शान में बेहतरीन कलाम पेश किया।
इस मौके पर दरगाह के सदर हमीदुल्लाह बुखारी ने कहा कि सरजमींने हिंद पर वलियों का ही राज हैं। यह अल्लाह वाले, लोगों के दिल पर हुकूमत करते हैं। इनकी पूरी जिंदगी शरीयत पर चलने में बीती। हमें भी शरीयत पर चलकर अल्लाह और रसूल की खुशनूदी हासिल करनी चाहिए। बुजुर्गों के  दर पर सब बराबर हैं। हजरत मुबारक खां शहीद अलैहिर्रहमां के छोटे भाई हजरत तबारक खां शहीद के दर पर इंसानियत को सही दिशा मिलती हैं। यह अल्लाह के महबूब बंदों की बारगाह हैं। यहां जांत-पात, मजहब, ऊंच-नीच कोई मायने नहीं रखता हैं। सभी को बराबर फैजान मिलता है। उन्होंने आह्वान कि  पांच वक्त की नमाज जमात से पढ़ें। तिलावत कलाम पाक करें। चुगली, झूठ, गाली गलौज, बेहयाई की कामों से दूर रहे हैं। दूसरों के दुख दर्द में शरीक बने। रसूल की तालीम पर अमल करते हुए मां-बाप की खिदमत करें।
इस दौरान  मौलाना मकसूद आलम मिस्बाही, कारी शराफत हुसैन कादरी, सेराज राईन, हकीकुल हसन, रईस अनवर, रमजान अली, अख्तर अली, अनवर हुसैन, ईनामुल्लाह, रफीउल्लाह, रिजवानुल्लाह, उस्मान आदि मौजूद रहे।

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