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मध्यप्रदेश : बच्चों के साथ त्रासदियों का पुराना सिलसिला

जावेद अनीस दुर्भाग्य से गोरखपुर की घटना कोई इकलौती घटना नहीं है इससे पहले भी देश के अनेक हिस्सों में इस तरह की घटनायें होती रही हैं . पूर्व में हुई घटनाओं से...

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नदियों का व्यवहार जाने बिना बाढ़ को नहीं समझ सकते

      डा. विमल सिंह बाढ़ एक ऐेसा शब्द है जिसे शायद ही कोई न समझता हो। इस शब्द से पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों का बहुत पुराना नाता है. दो नदियां जो इस क्षेत्र...

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नरेन्द्र मोदी सरकार में तानाशाही प्रवृत्ति-नलिनी रंजन मोहंती

गोरखपुर, 29 अगस्त। नरेन्द्र मोदी सरकार में तानशाही प्रवृत्ति है। ठीक वैसी जैसी इंदिरा गांधी सरकार में थी। मोदी सरकार एक तरफ वह गरीबों के लिए लोक लुभावन नारे दे...

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गोरखनाथ : धीरे धरिबा पाँव

सदानंद शाही अठवीं से लेके बरहवी शताब्दी ले चौरासी सिद्ध लोग अपभ्रंश में कविता करत रहे.  सिद्ध लोगन के कविता में भोजपुरी शब्द आ क्रिया रूप मिलल शुरू हो गईल रहे...

विचार विज्ञान - टेक्नोलॉजी

अवैज्ञानिकता के इस दौर में जनता के वैज्ञानिक का जाना…

राम नरेश राम जन संस्कृति मंच जन विज्ञान के लिए मशहूर बहुप्रतिभा के धनी प्रो. यशपाल हमारे बीच नहीं रहे। 24 जुलाई 2017 को 90 वर्ष की उम्र में नोएडा में उनका...

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कृषि संकट की जड़ें

जावेद अनीस आज भारत के किसान खेती में अपना कोई भविष्य नहीं देखते हैं. उनके लिये खेती-किसानी बोझ बन गया है. हालात यह हैं कि देश का हर दूसरा किसान कर्जदार है...

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प्रेमचंद की एक तस्वीर के अर्थात

                                               प्रमोद कुमार प्रेमचंद की एक बहुप्रचलित तस्वीर ही अलग-अलग स्केचिंग के साथ छपती व दिखती है. मैंने उसके अतिरिक्त...

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जीवन के अंत के खतरे और खतरों का अंत

प्रमोद कुमार प्रसिद्ध सैद्धांतिक भौतिकशास्त्री  व  आस्ट्रो-वैज्ञानिक स्टेफन हॉकिंग ने विगत दिनों पृथ्वी पर जीवन  के अंत के समीपस्थ खतरों  एवं उससे मानव प्रजाति...

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साक्षात्कार में सफलता के लिए आवश्यक है कौशल, धैर्य एवं मजबूत मनोबल

  (फीचर लेख नेउवो इंडिया द्वारा) हैदराबाद, 15 जून।  जब आप किसी नई नौकरी की तलाश में जा रहे है या आप किसी व्यापार के सिलसिले में किसी कार्यालय में पहली बार...

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कुपोषण पर “श्वेत पत्र” का क्या हुआ ?

जावेद अनीस मध्य प्रदेश के लिये कुपोषण एक ऐसा कलंक है जो पानी कि तरह पैसा बहा देने के बाद भी नहीं धुला है. पिछले साल करीब एक दशक बाद कुपोषण की भयावह स्थिति एक...