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साक्षात्कार

खुद की तलाश सिनेमा तक ले गयी : संजय चतुर्वेदी

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मशहूर फिल्मों के साउंड इंजीनियर संजय चतुर्वेदी से बातचीत सिद्धार्थनगर जिले के हैं संजय चतुर्वेदी फिल्मी दुनिया की चकाचौध किसे नहीं अच्छी लगती। बड़ेे -बड़ेे फिल्मी सितारों को करीब से देखने की लालसा, उनसे बात करने की  और उनके साथ काम  करने की लालसा लोगों में होती है, लेकिन उनके बीच पहुंचना इतना आसान नहीं है। खासकर उत्तर प्रदेश के ...

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तब्दीली को कभी आंख बंद करके कुबूल नहीं करना चाहिए : अनवर जलालपुरी

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( 15 नवंबर 2014 को  गोरखपुर न्यूज लाइन ने मशहूर शायर अनवर जलालपुरी का मुख्तसर साक्षात्कार साया किया था. अनवर जलालपुरी स्टार चेरिटबल ट्रस्ट गोरखपुर द्वारा आयोजित मुशायरे में शिरकत करने आये थे. उनकी याद में इस साक्षात्कार को दिया जा रहा है )  👇🏻 अपनी आवाज़ के जादू व शायरी से मुशायरे की निज़ामत को अलग अंदाज से बयान ...

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हम मधेशी, पहाड़ी और विदेशी नहीं ,हम नेपाल के मूल वासी हैं-विश्वेन्द्र पासवान

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बहुजन शक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष विश्वेन्द्र पासवान से वरिष्ठ पत्रकार सग़ीर ए खाकसार की विशेष बातचीत नेपाल में दलितों,अल्पसंख्यको,और पिछड़ों के अधिकारों को लेकर संघर्ष करने वाले बहुजन शक्ति पार्टी नेपाल के अध्यक्ष विश्वेन्द्र पासवान सीमित संसाधन में  दबे ,कुचले जमात के लिए संघर्षरत हैं। उन पर हिंदूवादियों ने हमले भी किये हैं लेकिन वो अपनी मांगों पर अडिग ...

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‘ पत्थर की इमारत हूं मगर मोम का दिल है, पूनम का हंसी चाँद मेरे गाल का तिल है ’

इकबाल अशहर

गोरखपुर, 12 नवम्बर।  शायर इकबाल अशहर ने उत्तेजना पैदा करने वाली शायरी  करने वालों को निशाना बनाते हुए कहा कि ऐसे लोगों ने शायरी का मतलब ही बदल दिया है। शायरी में अपनी बात इशारों और किनायों में कही जाती है लेकिन अब कुछ शायर इस हद को लांद्य रहे है। जिससे न सिर्फ शेरों शायरी का नुकसान हो रहा ...

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मौजूदा माहौल देश की तरक्की के लिए मुनासिब नहीं : शाईस्ता सना

शाईस्ता सना

सैयद फरहान अहमद गोरखपुर, 12 नवम्बर। शायरा शाईस्ता सना ने देश में प्यार मोहब्बत की फिजां आम करने पर जोर देते हुए कहा है कि मौजूदा माहौल देश की तरक्की के लिए मुनासिब नहीं है। उन्होंने मुशारा व कवि सम्मेलन को एक साथ आयोजित कराने को एकजेहती के लिए अच्छा कदम बताया। उन्होंने आज के मुशायरों पर अफसोस करते हुए ...

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रचनाकार स्थायी विपक्ष होता है : डा. अनिल चौबे

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सैयद फरहान अहमद गोरखपुर, 12 नवम्बर। प्रसिद्ध हास्य कवि डा. अनिल चौबे ने हास्य के नाम पर टीवी चैनलों पर जारी शो को हास्य व्यंग्य के नकारात्मक स्वरूप बताया। उनका कहना है कि मौजूदा समय में हास्य व्यंग्य का मतलब बदल गया है जिससे कविता, व्यंग्य को नुकसान पहुंच रहा है। डॉ चौबे स्टार चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित सैयद मजहर ...

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ये बहता खून, ये लाशें…….सियासत की जमीं एक बार फिर तैयार कर देंगे – डा. नसीम निकहत

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सैयद फरहान अहमद गोरखपुर, 12 नवम्बर। मशहूर शायरा डा. नसीम निकहत ने कहा कि मौजूदा हालत से देश के अमन पसंद लोगों में बेचैनी है। इसके असर से शायर भी अछूते नहीं है। सियासतदानों द्वारा हर रोज नये-नये मुद्दों को उछाल कर सियासत की जमीन तैयार की जा रही है लेकिन सच्चाई यह है कि इसका भारी नुकसान देश को ...

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भारत का मुसलमान दहशत के साये में जी रहा है : डा. माजिद देवबंद

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अशफाक अहमद/फरहान अहमद गोरखपुर, 12 नवम्बर। दिल्ली उर्दू अकादमी के वाइस चैयरमैन डा. माजिद देवबंदी ने कहा कि गुजिस्ता दस सालों में देश के हालात बहुत खराब हुए है। मजहब के नाम पर सियासतदां ने इसका गलत इस्तेमाल किया है। मजहब के नाम पर देश में कत्लेआम, खूरेजीं जैसी दर्दनाक चीेजें होती रही है। वतन में रहने वाले हिंदू- मुसलमान ...

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अपने हालात बदलने के लिए मुसलमानों को खुद आगे बढ़ना होगा-प्रो मोहम्मद अफरोज कादरी

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गोरखपुर, 8 फरवरी। दुनिया-ए-इस्लाम के नामवर आलिम, 40 से ज्यादा किताबों के लेखक, साउथ अफ्रीका के डलास यूनिवर्सिटी केपटाउन में प्रोफेसर मोहम्मद अफरोज कादरी का गोरखपुर आगमन सोमवार को हुआ। लखनऊ में एक पुस्तक “लहु बोलता है” का विमोचन करने भारत आये श्री कादरी ने फुर्सत निकाल कर गोरखपुर में ‘इस्लाहे उम्मत’ सम्मलेन में खिताब किया। चंद मिनट की गुफ्तगू ...

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‘ फिल्में सत्ता से लड़ना सिखाएं ’

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प्रख्यात फिल्म अभिनेता ओमपुरी का 32 वर्ष पुराना इंटरव्यू (यह इंटरव्यू गोरखपुर विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के प्रोफेसर चन्द्रभूषण अंकुर ने जून 1984 में लिया था जो अमृत प्रभात में 26 अगस्त 1984 को साप्ताहिक परिशिष्ट में प्रकाशित हुआ था। उस वक्त अंकुर एमए की पढाई पूरी करने के बाद गर्मी की छुट्टियों में मुम्बई गए थे। इस दौरान वह ...

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