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साहित्य – संस्कृति

अमिताभ बच्चन की एकमात्र आधिकारिक जीवनी के बारे में

पनामा पेपर्स के सामने आने के बाद, अमिताभ बच्चन का नाम सामने आने के बाद, अमिताभ बच्चन के यह कहने के बाद कि उनको तो उन कंपनियों के बारे में पता भी नहीं। पता नहीं कैसे क्या हुआ? मेरे अंदर का अमिताभ बच्चन कुछ खंडित हुआ, पिछले 20 सालों में कई मौके आये, थोडा-थोड़ा खंडितहोती रही उनकी छवि। लेकिन इस ...

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मंदिर हादसे के पीछे आस्था नहीं, लापरवाही

ईश्वर पर आस्था का कोई मोल-तोल नहीं है, पर जब हम दुनियावी अर्थों में ईश्वर को तमाशा बनाने लगते हैं, तब मुश्किलें खड़ी हो जाती हैं। केरल के एक मंदिर में पिछले दिनों यही हुआ। कहते हैं कि दर्द की कोई अपनी विशेष जुबान नहीं होती, न ही आंसुओं से दु:ख घटता है। अगर ऐसा होता तो शकुंतला के आंसू ...

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कैबिनेट से क्यों, मुल्क से बाहर करवा दें : आज़म ख़ां

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नूरा कुश्ती व्यंग्य डॉ. मुकेश कुमार उत्तरप्रदेश के मंत्री आज़म ख़ाँ का खाना तब तक हज़म नहीं होता जब तक वे किसी से पंगा न ले लें। फिलहाल उनकी राज्यपाल राम नाइक से ठनी हुई है। दोनों बिला नागा एक दूसरे के प्रति अपने प्रेम का सार्वजनिक प्रदर्शन करते रहते हैं।  मैंने पहले सोचा था कि आज़म ख़ाँ का एनकाउंटर ...

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गरीब किसानों और मजदूरों के ‘राहुल बाबा’

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राहुल सांकृत्यायन, जिन्हें गऱीब किसान और मज़दूर प्यार से राहुल बाबा बुलाते थे, एक चोटी के विद्वान, कई भाषाओं और विषयों के अद्भुत जानकार थे, चाहते तो आराम से रहते हुए बड़ी-बड़ी पोथियाँ लिखकर शोहरत और दौलत दोनों कमा सकते थे परन्तु वे एक सच्चे कर्मयोद्धा थे। उन्होनें आम जन, गऱीब किसान, मज़दूर की दुर्दशा और उनके मुक्ति के विचार ...

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देश का संविधान भारतीय दर्शन संस्कृति और साहित्य का सार है

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भारतीयसंविधान हर नागरिक को राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र में बिना भेदभाव के समान अवसर प्रदान करता है। डॉ. भीम राव अंबेडकर ने देश के संविधान के रूप में एक ऐसा ग्रंथ दिया है, जिसमें हमारे विकास की समस्त संभावनाएं मौजूद हैं। यह बातें राज्यपाल रामनाथ कोविंद मंगलवार को एएन सिन्हा इंस्टीट्यूट में चल रहे सेमिनार के समापन समारोह में ...

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वरिष्ठ कथाकार मदन मोहन को प्रेमचंद स्मृति कथा साहित्य सम्मान

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उपन्यास ‘ जहाँ एक जंगल था ’ पर दिया गया यह सम्मान बांदा की प्रसिद्ध साहित्यिक संस्था ‘ शबरी ’ देती है यह सम्मान  गोरखपुर, 9 अप्रैल। बाँदा की प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था ‘ शबरी ’ ने वरिष्ठ कथाकार मदन मोहन को वर्ष 2015 का मुंशी प्रेमचंद स्मृति कथा साहित्य सम्मान देने की घोषणा की है। यह सम्मान 14 अप्रैल को ...

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‘ की एंड का ‘  के बहाने

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  जावेद अनीस   हमारे समाज की  मानसिकता बड़ी अजीब है एक तरफ तो महिलाओं को देवी की तरह पूजा जाता है तो वहीँ दूसरी तरफ उन्हें एक तरह से प्रापर्टी के रुप में देखते हुए उनके साथ हिंसा, भेदभाव और गैरबराबरी भरा व्यवहार किया जाता है। इस मानसिकता के पीछे समाज में मर्दानगी और पितृसत्तात्मक विचारधारा का हावी होना ...

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