साहित्य – संस्कृति

साहित्य - संस्कृति

भरी धूप में एक छतनार वृक्ष का गिरना

स्मृति शेष :  प्रो हरिशंकर श्रीवास्तव   प्रो चन्द्र भूषण अंकुर प्रो हरिशंकर श्रीवास्तव से पहला परिचय 1981 में हुआ जब मैं गोरखपुर विश्वविद्यालय में बी ए का...

समाचार साहित्य - संस्कृति

नहीं रहे कहानी के ” बादशाह “

गोरखपुर, 18 जून। उर्दू और हिन्दी अदब में समान रूप से दखल रखने वाले कहानीकार बादशाह हुसैन रिजवी ने 80 वर्ष की उम्र में रविवार की सुबह इस फानी दुनिया को अलविदा...

समाचार साहित्य - संस्कृति

प्रेम पर बंदिश का प्रतिकार करता नाटक ‘ मुरलिया बाज रही चहुँओर ‘

अलख कला समूह ने 12 दिवसीय नाट्य प्रशिक्षण शिविर के समापन पर किया नाटक का मंचन गोरखपुर, 13 जून। अलख कला समूह ने आज शाम प्रेमचंद पार्क में नाटक ‘ मुरलिया बाज रही...

साहित्य - संस्कृति

लाल पश्मीना : प्रेम की कमी से जन्मी एक अलग तरह की प्रेम कहानी

(  मीनल गुप्ता की कहानी “लाल पश्मीना ” की समीक्षा )                                      दीबा मीनल गुप्ता कृत कहानी “लाल पश्मीना ” एक...

साहित्य - संस्कृति

अलख कला समूह के नाटक ‘ मुरलिया बाज रही चहुँओर ’ का मंचन 13 को

 गोरखपुर, 10 जून। अलख कला समूह का 12 दिवसीय नाट्य कार्यशाला 13 जून को संपन्न होगा। इस मौके पर कार्यशाला के प्रतिभागी शाम 5 बजे जन नाटककार राजाराम चौधरी द्वारा...