साहित्य – संस्कृति

साहित्य - संस्कृति

भौगोलिक संप्रभुता नहीं, बल्कि हर इंसान की सर्वांगीण समृद्धि देशभक्ति- लाल्टू

हम प्यार करते हैं, इसीलिए प्रतिरोध करते हैं- लाल्टू अंधे युग की वापसी के खिलाफ, अभिव्यक्ति की आजादी और लोकतन्त्र के लिए साथी रोहित वेमुला की याद में 11वां...

साहित्य - संस्कृति

जनता के संघर्ष और चेतना को उन्नत करती है लोकसंस्कृति-आनंद स्वरूप वर्मा

देश की हवा, धरती, वायुमंडल को बचाने के लिए लोकसंस्कृति की रक्षा जरूरी जोगिया में लोकरंग 2016 का आगाज जोगिया कुशीनगर 7 मई। प्रसिद्ध पत्रकार एवं समकालीन तीसरी...

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पवन मिश्रा की पुस्तक “हीरो आफ बटालिक ” को संसद की लाइब्रेरी में मिली जगह

दुनिया की सबसे बडी लाईब्रेरी, ‘ लाईब्रेरी आफ कांग्रेस ‘ में पहले ही जगह पा चुकी है यह किताब लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने किया विमोचन निचलौल...

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सरायकेला का छउ, राजस्थान का तमाशा और मध्य प्रदेश का गुदुम्ब बाजा देखना-सुनना हो तो चलिए जोगिया

लोकरंग-2016 का आयोजन 7 और 8 मई को पांच राज्यों की लोक कलाएं जीवंत होंगी जोगिया में गोरखपुर, 4 मई। कुशीनगर जिले के जोगिया गांव में हर वर्ष आयोजित होने वाला फोक...

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‘ फिजाँ में उड़ रहे है जहरीले जुगनू क्यों नहीं दिखते, किसी भी हादसे के सारे पहलू क्यों नहीं दिखते ‘

एमएसआई का ग्राउंड बना बेहतरीन मुशायरे का गवाह गोरखपुर, 4 मई। मंगलवार की रात मियां साहब इस्लामियां इण्टर कालेज बक्शीपुर बेहतरीन मुशायरे का गवाह बना। लोग बेहतरीन...

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ये जो शहर है गोरखपुर

(गोरखपुर के जिलाधिकारी  रहे आईएएस अधिकारी डॉ हरिओम ने गोरखपुर पर लिखी कविता  ‘ ये जो शहर है गोरखपुर ‘ को फ़ेसबुक पर साझा किया है जिसे बहुत पसंद किया...

साहित्य - संस्कृति

शाहरुख की ‘ फैनगिरी ‘

जावेद अनीस शाहरुख खान को बालीवुड का किंग खान कहा जाता है और पिछले 20-25 से वे यहाँ दो और खानों के साथ राज कर रहे हैं।  50 पार कर चुकी यह खान तिकड़ी अभी भी बॉक्स...

साहित्य - संस्कृति

अमिताभ बच्चन की एकमात्र आधिकारिक जीवनी के बारे में

पनामा पेपर्स के सामने आने के बाद, अमिताभ बच्चन का नाम सामने आने के बाद, अमिताभ बच्चन के यह कहने के बाद कि उनको तो उन कंपनियों के बारे में पता भी नहीं। पता नहीं...

साहित्य - संस्कृति

मंदिर हादसे के पीछे आस्था नहीं, लापरवाही

ईश्वर पर आस्था का कोई मोल-तोल नहीं है, पर जब हम दुनियावी अर्थों में ईश्वर को तमाशा बनाने लगते हैं, तब मुश्किलें खड़ी हो जाती हैं। केरल के एक मंदिर में पिछले...

विचार साहित्य - संस्कृति

कैबिनेट से क्यों, मुल्क से बाहर करवा दें : आज़म ख़ां

नूरा कुश्ती व्यंग्य डॉ. मुकेश कुमार उत्तरप्रदेश के मंत्री आज़म ख़ाँ का खाना तब तक हज़म नहीं होता जब तक वे किसी से पंगा न ले लें। फिलहाल उनकी राज्यपाल राम नाइक...