साहित्य – संस्कृति

यात्रा संस्मरण साहित्य - संस्कृति

छंगू लेक की खूबसूरती का भला क्या कहना !

सिक्किम यात्रा-3 सगीर ए खाकसार कहते हैं कि गंगटोक कश्मीर के बाद हिंदुस्तान की दूसरी सबसे खूबसूरत जगह है। मैंने कश्मीर तो देखा नहीं है। फिर मेरे लिए तो...

यात्रा संस्मरण साहित्य - संस्कृति

गंगटोक : भारत का स्विट्ज़रलैंड

सिक्किम यात्रा-2 सगीर ए खाकसार भारत का स्विट्ज़रलैंड कहे जाने वाले गंगटोक के स्थानीय पर्यटन स्थलों को देखने के क्रम में हमारे टैक्सी ड्राइवर जेपी ने सबसे पहले...

यात्रा संस्मरण साहित्य - संस्कृति

7200 फुट की ऊंचाई पर स्थित हनुमान टोक से दिखता है गंगटोक का खूबसूरत नजारा

सिक्किम यात्रा-एक सगीर ए खाकसार यह है हनुमान टोक। यह मंदिर सिक्किम के गंगटोक शहर से करीब 09 किमी दूर है। मेरे ड्राइवर ने बताया कि टोक का अर्थ होता है ऊंचाई या...

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सहजनवा में नाटक ‘ अंधेर नगरी ‘ व ‘ जाति ही पूछो साधु ‘ का मंचन

गोरखपुर। बुधवार शाम सहयोग वेलफेयर सोसाइटी के तत्वाधान में सहजनवा मार्केट में चलाए गए तीस दिवसीय नाट्य प्रशिक्षण के बाद प्रशिक्षित कलाकारों द्वारा तहसील रोड...

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पर्यावरण संतुलन का संदेश दे गया नाटक ‘ चौथा बंदर ’

गोरखपुर । पर्यावरण जागरूकता अभियान के तहत युवा नाट्य मंच द्वारा गुरुवार को मुंशी प्रेमचंद पार्क में बने मुक्ताकाशी मंच पर अनिल कुमार दत्ता द्वारा लिखित व अरुण...

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