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नगर विधायक ने निर्माणाधीन एम्स की दीवार ढहने के लिए जीडीए और ठेकेदार को जिम्मेदार बताया

गोरखपुर. नगर विधायक डॉ राधा मोहन दास अग्रवाल ने निर्माणाधीन एम्स की दीवार ढहने के लिए कार्यदाई संस्था के अधिकारियों तथा नाला बना रहे ठेकेदार की लापरवाही को जिम्मेदार बताया है.

सोमवार को नगर विधायक ने निर्माणाधीन एम्स के वास स्थान पर गए जहाँ सोमवार को चहारदीवारी का 30 मीटर हिस्सा ढह गया था. उन्होंने मण्डलायुक्त तथा जिलाधिकारी से बात करके जिम्मेदार अधिकारियों तथा ठेकेदार के विरुद्ध एफआईआर करने के लिए कहा.

महानगर कांग्रेस कमेटी के प्रमुख प्रवक्ता दिलीप कुमार निषाद के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने भी निर्माणाधीन एम्स की दीवार गिरने के स्थान का दौरा किया. श्री निषाद ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सरकार द्वारा जो भी निर्माण कार्य किये जा रहे हैं, वह आये दिन गिर जा रहे हैं। जनता की गाढ़ी कमाई का ठेकेदार एवं बीजेपी सरकार की मिलीभगत के कारण बंदरबाट किया जा रहा है। मानकों के विपरीत कार्य किया जा रहा है। उन्होंने एम्स की दीवार गिरने की जांच कराने की मांग की.  उनके साथ श्रीमती शारदा देवी, मुस्तफा अंसारी, देवेन्द्र निषाद, सुदीप निषाद, कृष्ण प्रताप नारायण, संजीव सिंह सोनू पार्षद, अरविन्द जायसवाल, जयन्त कुमार पाठक, नासिर मुन्ना थे.

कमिश्नर अमित गुप्ता, गोरखपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अमित सिंह बंसल ने जीडीए के अधिकारीयों के साथ मौके का निरीक्षण किया.

उल्लेखनीय है कि नंदानगर क्रासिंग से रामगढ़ ताल के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तक 1100 मीटर नाले का निर्माण किया जा रहा है. इसकी लगत आठ करोड़ है. यह नाला एम्स की बाउंड्री से सटे गुजर रहा है. नाले की खुदाई के समय ही एम्स की दीवार गिर गई थी.

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