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हालत सुधरने पर जहर खाने वाले दलित शोध छात्र की बीआरडी मेडिकल कालेज से छुट्टी, कुलपति मिले

गोरखपुर। दो प्रोफेसरों की प्रताड़ना से तंग आकर जहर खाने वाले दलित शोध छात्र दीपक कुमार की हालत में सुधार होने पर 22 सितम्बर को उसे बीआरडी मेडिकल कालेज से डिस्चार्ज कर दिया गया। उसे यहां 20 सितम्बर को दोपहर बाद भर्ती किया गया था।

शनिवार को दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो वीके सिंह ने बीआरडी मेडिकल कालेज जाकर दीपक कुमार और उसके परिजनों ने मुलाकात की। उन्होंने आश्वस्त किया गया कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इसके पहले विश्वविद्यालय गेट पर छात्रों ने जब उन्हें रोक कर इस मामले में ज्ञापन दिया तो उन्होंने कहा कि इस मसले को राजनीतिक रंग न दिया जाय। छात्रों ने विश्वविद्यालय के कई अन्य विभागों में शोध छात्रों के उत्पीड़न के बारे में जानकारी दी। समाजशास्त्र विभाग में एक छात्रा को तीन वर्ष से फेलोशिप न मिलने की भी शिकायत की गई जिस पर कुलपति ने कहा कि वह इस मामले को देखेंगे।

उधर दलित शोध छात्र दीपक कुमार द्वारा जहर खाने के मामले में उसके पिता ने कैंट पुलिस को दो प्रोफेसरों के खिलाफ जाति सूचक गालियां देने, उत्पीड़ित करने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। दीपक कुमार को 18 सितम्बर को बाइक सवार लोगों द्वारा धमकाए जाने की घटना में  कैंट पुलिस ने दो अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। दीपक कुमार ने घटना के दिन ही इस मामले की शिकायत कुलपति, कुलसचिव, प्राक्टर से की थी। प्राक्टर ने उसकी शिकायत को पुलिस को भेज दिया था लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया था। दीपक कुमार के आत्महत्या की कोशिश के बाद इस घटना की एफआईआर दर्ज की गई है।

कैंट पुलिस का कहना है कि वह दीपक कुमार का बयान दर्ज करने के बाद आगे की कार्रवाई करेगी।
उधर छात्रों ने इस मामले में दोषी प्रोफेसरों के खिलाफ कार्रवाई न होने पर गोरखपुर बंद कराने की चेतावनी दी है।

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