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बैतालपुर चीनी मिल को चलाने के लिए एक महीने से देवरिया में चल रहा है धरना

आंदोलन के एक महीना पूरा होने पर किसानों ने प्रदर्शन किया

देवरिया। देवरिया की बैतालपुर चीनी मिल को चलाने के लिए चल रहा धरना ने 5 जनवरी को एक महीना पूरा कर लिया। आंदोलन के एक महीने पूरे होने पर चीनी मिल चलाओ संघर्ष समिति के धरना के समर्थन में किसानों ने टाउनहाल से कलेक्टेट तक हाथों में गन्ना लेकर प्रदर्शन किया।

चीनी मिल चलाओ संघर्ष समिति ने बैतालपुर चीनी मिल को चलाने की मांग को लेकर 7 दिसम्बर को कलेक्टेट परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया था। समिति की मांग थी कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री अपने चुनावी वादे के अनुरूप बैतालपुर चीनी मिल चलवाने की घोषणा करें।

राज्य चीनी निगम की बैतालपुर चीनी मिल 14 मई 2008 से बंद है। निगम की भटनी और देवरिया तथा एनटीसी की गौरीबाजार चीनी मिल भी वर्षों से बंद हैं। जिले में निजी क्षेत्र की प्रतापपुर चीनी मिल ही चल रही है।

चीनी मिल चलाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष बृजेन्द्र मणि त्रिपाठी ने कहा कि बैतालपुर चीनी मिल को चलाने का आंदोलन जुलाई 2017 से चल रहा है। अक्टूबर 2017 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पथरदेवा की सभा मे देवरिया की एक चीनी मिल को चलाने की घोषणा की थी। इस मांग को पूरा करने के लिए जुलाई से दिसम्बर तक 25 बार धरना-प्रदर्शन कर डी.एम. के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया गया।

तत्कालीन डी. एम, सुजीत कुमार के सामने चीनी मिल का दस्तावेज पेश किया गया जिसमें साफ-साफ लिखा था चीनी मिल इस शर्त पर बेचा व खरीदा गया कि मिल निर्वविवाद रूप से चलना चाहिए। किसी कर्मचारी का कोई अहित नहीं होना चाहिए। मिल मालिक ने भी इस पर लिखित जवाब देते हुए कहा की मैं नई मिल चलाने को तैयार हूं। अगर सरकार सहमति प्रदान करें तो इसके लिए पूणे की एक कम्पनी को 5 करोड एडवांस भी दिया हूं लेकिन सरकार की सहमति नहीं मिलने से मिल नहीं चल पाई।

 

चीनी मिल चलाने की सरकार द्वारा कोई ठोस पहल नहीं किए जाने पर सात दिसम्बर से किसान और कर्मचारियों ने 7 दिसम्बर 2018 से अनश्चिकालीन धरना शुरू कर किया। आंदोलन को एक महीने हो गया लेकिन सरकार के तरफ से अभी तक कोई जवाब नहीं मिल रहा है। इसके कारण किसानों में आक्रोश है।

श्री त्रिपाठी ने कहा कि आंदोलन के दौरान ही 26 दिसम्बर को मुख्यमंत्री देवरिया आए। किसानों को उम्मीद थी कि वह बंद चीनी मिलों के बारे में बोलेंगे लेकिन उन्होंने इस मुद्दे पर अपना मंुह बंद रखा। इससे जनता और किसानों में आक्रोश और बढ़ गया। अब उन्होंने निर्णय लिया है कि और मजबूती से चीनी मिल की लड़ाई को लड़ा जाएगा।


किसानों के आंदोलन को देवरिया जिले के कई संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं व विभिन्न दलों के नेताओं ने समर्थन दिया है। इनमें सामाजिक कार्यकर्ता डा. चतुरानन ओझा, राज बहादुर राय, राम प्रकाश सिंह, राम सागर सिंह, काशीनाथ सिंह, काशीनाथ कुशवाहा, संत प्रकाश सिंह, सुभाष, वेद प्रकाश, अनिरुद्ध राजेश्वरी, रामलाल चैहान, विकास मौर्य, चैहान रामचंद्र, राम हर्ष, योगेंद्र यादव, पप्पू चैहान, राकेश सिंह, रामजी निषाद, मनोज आदि ने भी संबोधित किया।

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