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गोरखपुर की सफाई व्यवस्था बेपटरी, नई फर्में अभी नहीं जुटा पाई सफाईकर्मी

गोरखपुर में बारिश के दौरान सड़कों पर जल जमाव
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लगातार बारिश से छिन्न भिन्न है सफाई का काम, जल जमाव से निपटने में ही छूट रहे पसीने
परेशान नागरिक कर रहे धरना प्रदर्शन
नई फर्मों को मुख्य नगर आयुक्त की चेतावनी, हालत नहीं सुधरी तो कार्रवाई

गोरखपुर, 5 अगस्त; एक अगस्त से गोरखपुर शहर की सफाई व्यवस्था का जिम्मा संभालने वाली सफाई फर्में अभी सफाई के काम के लिये पर्याप्त श्रमिक ही नहीं जुटा पाई हैं. इसके चलते पिछले चार दिनों से साफ सफाई का काम लगभग ठप है. दूसरी तरफ लगातार बारिश ने हलकान कर रखा है. अधिकतर वार्डों में भारी जलजमाव हो गया है. राप्ती के बढ़ते जलस्तर के चलते शहर का पानी बाहर निकालने वालों पंपों पर भी लगातार निगरानी रखनी पड़ रही है. ये पंप शहर की पश्चिमी सीमा पर राप्ती के तट पर बने बंधों पर लगे हैं. सिर्फ इमरजेंसी काम ही हो पा रहे हैं जो नगर निगम के नियमित कर्मचारी कर रहे हैं. उधर फर्मों की कार्यशैली से कुपित नगर आयुक्त ने हालत नहीं सुधरने पर कार्रवाई की चेतावनी दे डाली है.

गंदगी और जलजमाव से परेशान नागरिकों का धैर्य टूट रहा है. वे नगर निगम में जाकर प्रदर्शन कर रहे हैं। वार्ड न 60 चिलमापुर,रुस्तमपुर में तो लोगों ने ‘यहां नगर निगम के लोगों का आना मना है’लिखकर चिपका रखा है. पार्षदों का जीना हराम हो गया है. उनका कहना है कि उन्हें जनता की गालियां सुननी पड़ रही हैं. नगर निगम ने बिना किसी योजना के पुरानी व्यवस्था को खत्म कर दिया. नई व्यवस्था अभी पूरी तरह काम ही नहीं शुरू कर पाई है. सफाई का काम तो रोज का है. इसे टाला नहीं जा सकता। पर हालत यह है कि एक सप्ताह से न कूड़ा उठा है न नालियों की सफाई हुई है. गंदगी बजबजा रही है और संक्रामक बीमारियों का खतरा उत्पन्न हो गया है.

गोरखपुर नगर निगम के महेवा स्थित स्टोर का नजारा

फर्मो के प्रतिनिधियों का कहना है कि पुराने ठेकेदारों के अधिकांश श्रमिकों से उन्होंने संपर्क कर लिया है। कुछ जगह वे काम भी कर रहे हैं। पर उनके पुराने नियोजक उनपर दबाव बनाकर उन्हें रोकने की कोशिश कर रहे हैं। श्रमिकों के तीन माह की मजदूरी पुराने ठेकेदारों के पास बकाया है वे डर रहे हैं कि यदि नई फर्मो में आ गये तो मजदूरी नहीं मिल पायेगी। सफाई फर्म विशाल प्रोटेक्शन फोर्स के नार्थ जोन आपरेशनल हेड जय प्रकाश सिंह ने गोरखपुर न्यूज लाइन को बताया कि उन्हें अधिकांश श्रमिक मिल गये हैं। उनकी मीटिंग की जा रही है और कार्यप्रणाली से वाकिफ कराया जा रहा है। साथ ही उनका बायोमीट्रिक रिकार्ड बनाया जा रहा है। उनसे उनके पीएफ खातों का नंबर मांगा गया है। कुछ ने कहा है कि उन्हें यह पता ही नहीं कि उनका कोई खाता है। उनसे कहा गया है कि वे अपने पुराने ठेकेदार से डीटेल ले आयें। नगर निगम में मौजूद श्रमिकों के रिकार्ड से भी मदद ली जा रही है। अधिकतम एक सप्ताह का समय लगेगा वे इस दौरान अपनी तैयारी पूरी कर लेगे।

नगर आयुक्त कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार शहर की बेहतर सफाई व्यवस्था के लिये आउटसोर्सिंग सफाईकर्मियों की संख्या एक हजार और बढ़ा दी गयी है। अब नियमित और आउटसोर्सिंग कर्मियों की कुल संख्या 3850 हो गयी है। इनमे से 2700 कर्मचारी वार्डों के अंदर काम करेंगे। 564 स्थायी और 650 आउटसोर्स श्रमिकों के जिम्मे मुख्य मार्गों की सफाई के अलावा इमरजेंसी गैंग, शहर के सार्वजनिक शौचालयों व यूरिनलों की सफाई का काम होगा।

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