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गोरखपुर नगर निगम के आयुक्त प्रेम प्रकाश सिंह सस्पेंड

गोरखपुर. गोरखपुर नगर निगम के आयुक्त प्रेम प्रकाश सिंह को प्रदेश प्रदेश सरकार ने कल सस्पेंड कर दिया. उन पर नगर निगम के आउटसोर्सिंग सफाई कर्मियों का समय से पारिश्रमिक भुगतान न करने और अपने कर्तव्य में लापरवाही करने का आरोप है. श्री सिंह अभी हाल ही में आईएएस कैडर में प्रोन्नत हुए थे.

गोरखपुर शहर में सफाई व्यवस्था के बेपटरी हो जाने से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना नाराज थे. अभी हाल ही में नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने गोरखपुर में सफाई व्यवस्था का जायजा लिया था. उन्हें स्थिति संतोषजनक नहीं मिली. इस पर वह खासे खफा हुए थे.  कमिश्नर ने भी अपने निरीक्षण में सफाई व्यवस्था को बेहद खराब पाया था.

नगर आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की चर्चा दो-तीन दिन से चल रही थी. कल शाम नगर आयुक्त को सस्पेंड करने का आदेश डीएम कार्यालय आ गया. नगर आयुक्त के कार्यों को अब गोरखपुर के डीएम देखेंगे. नगर आयुक्त प्रकाश सिंह लगे आरोपों की जांच गोरखपुर के कमिश्नर करेंगे. निलंबन के दौरान प्रेमप्रकाश सिंह राजस्व परिषद से सम्बद्ध रहेंगे. श्री सिंह 1997 बैच के सीनियर पीसीएस अधिकारी हैं. और अभी पिछले हफ्ते ही उन्हें आईएएस कैडर में प्रोन्नत किया गया था.

अगस्त महीने में गोरखपुर की सफाई व्यवस्था आउटसोर्सिंग पर दो एजेंसियों को दे दी गई थी. इसके बाद सफाई व्यवस्था के बेहतर होने के दावे किये गये थे लेकिन व्यवस्था और ख़राब होती गई. समय से वेतन न मिलने के कारण सफाई कर्मी काम नहीं कर रहे थे और नगर में गंदगी का अंबार हो गया था. आउटसोर्सिंग कंपनी को नगर निगम ने धन दे दिया था इसके बावजूद वे कर्मचारियों को भुगतान नहीं कर रहे थे. इसको लेकर सफाई कर्मी दो बार हड़ताल पर गए.

निलंबित नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश सिंह 16 महीने पहले नगर आयुक्त बने थे. उन्हें नगर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने का कार्य प्राथमिकता से करने को कहा गया था लेकिन उनका कार्यकाल विवादों में रहा. डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन. कर्मचारियों की बायोमैट्रिक हाजिरी योजना श्री सिंह ने बनायी लेकिन वह उसे अमल में नहीं ला सके.

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