साहित्य - संस्कृति

रचनाओं का पाठ कर हरिशंकर परसाई को याद किया

गोरखपुर. प्रसिद्ध व्यंग्य लेखक हरिशंकर परसाई की पुण्य तिथि पर 10 अगस्त को गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब में स्मृति सभा आयोजित की गई। यह आयोजन प्रगतिशील लेखक संघ, जनवादी लेखक संघ और जन संस्कृति मंच ने संयुक्त रूप से किया था.

सभा में हरिशंकर परसाई की चुनिंदा व्यंग्य कृतियों का पाठ हरिप्रताप, वादनी यादव, शिवांगी, अभिषेक तथा दिवाकर गुप्ता ने किया.  यक्ष -युधिष्ठिर संवाद लिखने के लिए चर्चित पंकज मिश्र ने कहा कि व्यंग्य वर्तमान समय के सबसे खतरनाक प्रवृत्तियों से मुठभेड़ करता है. परसाई जी ने विसंगतियो की न केवल पहचान की बल्कि साहित्य के माध्यम से विकल्प भी प्रस्तुत किया. परसाई जी ने दूसरों की अपेक्षा अपने पाठकों की रूचि का अधिक परिष्कार किया. वे अपने आलोचकों मे भी समान रूप से लोकप्रिय हैं. श्री मिश्र ने कहा कि परसाई  का व्यंग्य ऐसी सुई के समान है जिससे फूला हुआ गुब्बारा फूट जाता है. इस अवसर पर श्री मिश्र ने यक्ष-युधिष्ठिर संवाद के चुनिंदा अध्यायों को प्रस्तुत किया.

दिवाकर गुप्ता ने परसाई को सर्वकालिक महान व्यंग्यकार बताते हुये उनके राजनीतिक निबन्धों को भारतीय राजनीति को समझने के यंत्र के रूप मे लेने की सलाह दी। कहानीकार रवि राय ने परसाई की रचनाओ से महत्वपूर्ण साहित्यिक सूत्र प्रस्तुत किये औऱ विक्रम बेताल श्रृंखला का अपना व्यंग्य पाठ भी किया.

अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ कथाकार मदन मोहन ने इस तरह के कार्यक्रम की आवश्यकता पर जोर दिया.
इस अवसर पर वरिष्ठ शायर महेश अश्क, मनोज सिंह, प्रो. अनिल राय, अशोक चौधरी , उन्मेष सिन्हा, रवि राय, श्रवण कुमार, सुजीत श्रीवास्तव, भरत शर्मा , डॉ रजनीकांत, शालिनी श्रीनेत, बैजनाथ मिश्र आदि उपस्थित थे. कार्यक्रम का संचालन आनन्द पाण्डेय ने किया ।

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