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कप्तानगंज चीनी मिल पर किसान पंचायत कर बकाया गन्ना मूल्य माँगा

कुशीनगर. कप्तानगंज चीनी मील पर भाकियू (भानु) ने 12 सितम्बर को किसान पंचायत कर किसानों का बकाया 36 करोड़ गन्ना मूल्य का तुरंत भुगतान करने और इस गन्ना सत्र में गन्ना मूल्य 500 रुपया क्विंटल करने की मांग की.

 किसान पंचायत को सम्बोधित करते हुए यूनियन के जिलाध्यक्ष रामचन्द्र सिंह ने कहा की देश और प्रदेश की बीजेपी सरकार कुशीनगर के किसानों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है. यूनियन ने लक्ष्मीगंज बन्द चीनी मिल को चलवाने के लिये अक्टूबर 2018 से लगातार 61 दिन और फिर 48 दिन धरना-प्रदर्शन किया. उसके बाद भी मोदी और योगी सरकार ने लक्ष्मीगंज बन्द चीनी मिल को चलवाने की घोषणा नहीं की. चुनाव के दौरान 12 मई 2019 को कप्तानगंज आये प्रधानमंत्रीऔर मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद की बन्द चीनी मिलों को चलवायेगें मगर उनका वादा सिर्फ जुमलेबाजी होकर रह गया.

उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में हमारे यूनियन द्वारा माँग की गई थी कि पेराई सत्र 2017-18 में किसानों के गन्ने का भुगतान एक सप्ताह में होना चाहिए. उसके बाद योगी सरकार ने फैसला लिया की एक सप्ताह में नही 14 दिन में गन्ने का भुगतान किसानों के खाते में पहुँच जायेगा लेकिन इसमें भी योगी सरकार विफल नजर आ रही है. श्री सिंह कहा कि कप्तानगंज चीनी मिल हर साल किसानों के गन्ने के भुगतान में देर करती है जिसे किसान बर्दाश्त नही करेगा.

उन्होंने कहा कि कप्तानगंज चीनी मिल पर किसानों का लगभग 36 करोड़ रुपया गन्ने का भुगतान बाकी है. यदि इसका जल्द भुगतान नहीं हुआ तो संगठन एक सप्ताह के अन्दर कप्तानगंज चीनी मिल गेट पर अनिश्चितकालीन किसान पंचायत लगाएगा.

श्री सिंह ने कहा की प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना निधि की पहली किस्त जनपद के 50% किसानों के खाते में नही पहुंची है. योगी सरकार ने एक भी बार गन्ने के मूल्य मे बढोत्तरी नहीं किया है हमारी मांग है कि गन्ना पेराई सत्र 2019-20 में गन्ने का मूल्य 500/- प्रति कुन्तल किया जाय.

किसान पंचायत का संचालन का रहे हरिजी ने बिजली मूल्य में वृद्धि को तुरंत वापस लेने की मांग की. बबलू खान ने कहा की कप्तानगंज चीनी मिल से जो फ्रेसमड (खाद) निकलता है उसे खाद माफिया चीनी मिल से मिलीभगत कर अधिक दाम पर बेचते हैं जिस पर अंकुश लगाया जाना चाहिए. कृष्ण गोपाल चौधरी ने कहा की पेराई सत्र 2019-20 में सोसाइटी द्वारा जो गन्ने का पड़ताल हो रहा है उसे किसानों की पर्ची बेसिक कोटा पर न निर्धारित किया जाय क्योकिं पिछले साल किसानों को सोसाइटी द्वारा समय से पर्ची न मिलने के वजह से किसान अपने गन्ने को औने पौने दामों में क्रेशर पर देने के लिये मजबूर हो गया था, कुछ किसान ऐसे थे जिन्होने दूसरों की पर्ची को लेकर अपना गन्ना चीनी मिल पर भेजा था और कुछ किसानों का गन्ना खेतों में सूख गया था. गन्ने की पड़ताल इस आधार पर होनी चाहिए कि किसान ने कितना गन्ना बोया है.

यूनियन के जिला सचिव रामपति सेन ने कहा की गन्ने की पर्ची की व्यवस्था गोरखपुर से ठेकेदार द्वारा कराया जा रहा है. इसे बन्द किया जाय और पर्ची की व्यवस्था सोसाइटी द्वारा करायी जाय. यदि किसानों को पर्ची सम्बन्धित कोई भी समस्या हो तो तत्काल सोसाइटी द्वारा समाधान किया जा सकता है जो जनहित में होगा.

पंचायत के समापन पर मुख्यमंत्री को संबोधित नौ सूत्रीय माँगों का ज्ञापन नायब तहसीदार कप्तानगंज को सौपा गया. इस मौके पर शाहीद भाई, रामाश्रय वर्मा, मुनि प्रमोद कुमार वर्मा, चेतई प्रसाद, कोदई प्रसाद, रामरतन यादव, भोरिक यादव, बंशबहादुर विश्वकर्मा, रामाधार प्रसाद, इन्द्रावती देवी, चाँदबली, गोपाल कृष्ण यादव के साथ साथ अन्य पदाधिकारी, कार्यकर्ता और किसान मौजूद रहे.

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