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मान्यता प्राप्त मदरसों के बच्चे पढ़ेंगे एनसीआरटी की किताब, शासन ने मांगा बच्चों का ब्यौरा

मदरसा जियउल उलूम पुराना गोरखपुर गोरखनाथ

 

सैयद फरहान अहमद

गोरखपुर। यूपी सरकार ने मदरसों के बच्चों को एनसीईआरटी की किताबें पढ़ाने का मन बना लिया है। सत्र 2018-19 में बच्चों के हाथ में एनसीईआरटी की किताबें होंगी। यह किताबें हिन्दी, उर्दू व अंग्रेजी माध्यम में होंगी। इसका फायदा केवल मान्यता प्राप्त मदरसों को ही मिलेगा।

गोरखपुर के दस अनुदानित मदरसो समेत 200 से अधिक मान्यता प्राप्त मदरसों में अगले साल से एनसीईआरटी की किताबें पढ़ायी जाएंगी।

उप्र मदरसा शिक्षा परिषद के रजिस्ट्रार राहुल गुप्ता ने जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से मदरसों में पढ़ रहे बच्चों का कक्षावार ब्यौरा निर्धारित प्रारूप पर मांगा है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को विवरण उपलब्ध कराने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है।

15 मई को उप्र मदरसा शिक्षा परिषद की बैठक लखनऊ में हुई थी। इसमें निर्णय गया कि “सभी मदरसों में गणित/विज्ञान/अंग्रेजी/हिन्दी/कम्पयूटर विज्ञान/सामाजिक विज्ञान आदि शिक्षा को एकरूपता, समानता तथा उसका स्तर उन्नयन करने के उद्देश्य से उक्त विषयों हेतु एनसीईआरटी की उपलब्ध पाठ्य पुस्तकों को पाठ्यक्रम में सम्मिलित किया जाए”।

16 मई को इस बाबत जिला अल्पसंख्क कल्याण विभाग में पत्र आ गया है। जिसमें निर्देश है कि समस्त मान्यता प्राप्त मदरसों में कक्षा 1 से 10 तक अध्ययनरत छात्रों की रूचि के अनकूल अथवा मदरसे में दी जाने वाली शिक्षा के माध्यम के अनुसार भाषावार (उर्दू, हिन्दी व अंग्रेजी माध्यम) वर्गीकरण करते हुए कक्षावार छात्र संख्या का आकलन निर्धारित प्रारूप पर एक सप्ताह के अंदर उपलब्ध कराया जाए। ताकि एनसीईआरटी से सम्पर्क स्थापित कर मांग पत्र के अनुसार आवश्यक पाठ्य पुस्तकों के संबंध में विचार विमर्श कर बाजार में उपलब्धा सुनिश्चित कराई जा सके और नवीन सत्र 2018-19 में मदरसों में अध्ययनरत छात्रोँ को एनसीईआरटी की पुस्तकें सुगमता से उपलब्ध हो सके।

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बताते चले कि शहर में 4 व ग्रामीण इलाके में 6 अनुदानित मदरसे है। गोरखपुर में उच्च आलिया (आलिम, कामिल, फाजिल) के सात व आलिया (मुंशी, मौलवी) के तीन मदरसें हैं। इसके अलावा दो से अधिक मान्यता प्राप्त मदरसे है, जिन्होंने मदरसा पोर्टल पर अपना ब्यौरा दर्ज करवाया है।

[highlight]गोरखपुर के अनुदानित उच्च आलिया स्तर के मदरसे
1. मदरसा अंजुमन इस्लामियां खूनीपुर गोरखपुर
2. मदरसा जियाउल उलूम पुराना गोरखपुर, गोरखनाथ गोरखपुर
3. मदरसा अरबिया शमसुल उलूम सिकरीगंज गोरखपुर
4.मदरसा अनवारुल उलूम गोला बाजार गोरखपुर
5. मदरसा दारुल उलूम हुसैनिया दीवान बाजार गोरखपुर
6. मदरसा जामिया रजविया मेराजुल उलूम चिलमापुर गोरखपुर
7. अंजुमन इस्लामियां उनवल गोरखपुर

आलिया स्तर के अनुदानित मदरसे
8. मदरसा जामिया रजविया गोला बाजार गोरखपुर
9. मदरसा मिस्बाहुल उलूम असौजी बाजार गोरखपुर
10. मदरसा मकतब बहरुल उलूम बड़गो गोरखपुर⁠⁠⁠⁠[/highlight]

मदरसा शिक्षक मो. आजम शासन के इस निर्णय का स्वागत करते है वहीं सवाल भी उठाते है कि क्या सरकार एनसीईआरटी की किताबें लागू करने के साथ उक्त किताबों को पढ़ाने के लिए विशेषज्ञ शिक्षकों की नियुक्ति भी करेगी ? बच्चों को इस पाठ्यक्रम का फायदा तभी हासिल होगा, जब उन्हें एनसीईआरटी किताब पढ़ाने वाले प्रशिक्षित शिक्षक हों। दूसरी बात मदरसा आधुनिकीकरण योजना जो मदरसों की रीढ़ है उसके तहत कार्यरत शिक्षकों का बेहद बुरा हाल है। रमज़ान का माह चल रहा है और एक माह बाद ईद आएगी लेकिन अभी तक शिक्षकों का पिछले दो वर्ष का मानदेय केंद्र सरकार ने नहीं भेजा है। जो सरकार की योजनाओं पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है।