स्वास्थ्य

देवरिया में 254 कुष्ठ रोगियों का एमडीटी से हो रहा इलाज

 जिला अस्पताल सहित सीएचसी, पीएचसी पर निशुल्क दी जाती है एमडीटी

 इलाज के अभाव में रोगी हो सकता है  विकलांगता का शिकार

देवरिया, कुष्ठ रोगियों के लिए मल्टी ड्रग्स ट्रीटमेंट (एमडीटी) कारगर साबित हो रहा है. इससे इलाज का रोगियों पर असर जल्दी नजर आता है. जिले में कुष्ठ रोगियों को निशुल्क इलाज मिलता है। इसके अलावा उन्हें अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध करायी जाती हैं। वर्तमान में जिले के 254 कुष्ठ रोगियों का इलाज चल रहा है.

जिला कुष्ठ रोग अधिकारी डा. अमरेंद्र  सिंह ने बताया कि सरकारी प्रयासों से लोगों में जागरूकता आयी है. डा. सिंह ने कहा कि कुष्ठ रोग वंशानुगत नहीं है। यह छूआछूत से फैलने वाला रोग भी नहीं है. माइक्रो बैक्टिरियम लेप्राई और माइकोबैक्टेरियम लेप्रोमेटासिस जैसे जीवाणुओं की वजह से यह रोग होता है. यह मनुष्यों में विकलांगता का एक बड़ा कारण बन जाता है. आंखों, हाथों तथा पैरों में विकलांगता पैदा करता है.एमडीटी के नियमित उपचार से कुष्ठ रोग पूर्ण रूप से सही हो जाता है. कुष्ठ रोग की जांच जिला अस्पताल सहित सामुदायिक,  प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर भी  निःशुल्क की जाती है. विभाग की ओर से मरीजों को बैसाखी, स्पिलंट एमसीआर चप्पलें भी निशुल्क प्रदान की जाती हैं. उन्होंने बताया कि लोगों को कुष्ठ रोग के प्रति जागरूक किया जा रहा है. वर्ष 2019 में 254 मरीजों का इलाज चल रहा है. इनमें बच्चे, युवा, महिलाएं व बुजुर्ग सभी हैं. इन सभी का उपचार किया जा रहा है. कुष्ठ रोग का उपचार दो तरह से किया जाता है. अगर किसी रोगी के शरीर पर 1 से 5 चकत्ते  हैं या एक नस ब्लॉक है तो उसका छ माह का इलाज किया जाता है. अगर किसी रोगी के शरीर में पांच से अधिक चकत्ते  हैं या दो नस ब्लॉक हैं तो 12 माह का उपचार किया जाता है. दोनों प्रकार के मरीजों को पहली खुराक चिकित्सक के सामने खानी होती है. उसके बाद 28 दिन की दवा का सेवन करना होता है.

उन्होंने बताया कि कुष्ठ रोगियों को उपचार के दौरान बैसाखी, स्पिलंट, एमसीआर चप्पलें नि.शुल्क दी जाती है. इसके अलावा मरीजों को आपरेशन के लिए कुष्ठ मिशन अस्पताल नैनी व द लेप्रोसी हॉस्पिटल सुल्तानपुर भेजा जाता है.

301 पात्रों को मिल रहा कुष्ठावस्था पेंशन

जिला कुष्ठ रोग अधिकारी डा. अमरेंद्र सिंह ने   बताया कि कुष्ठ रोग से विकलांग हुए मरीजों को सरकार की ओर से पेंशन के रूप में प्रति माह 2500 रूपये दिये जाते हैं. मुख्य चिकित्साधिकारी से प्रमाण प्रमाण-पत्र दिला कर इस योजना का लाभ दिया जाता है. अबतक जिले के 301 पात्रों को कुष्ठावस्था पेंशन दिया जा रहा है. योजना के लिए पात्र दिव्यांगजन, जन सुविधा केन्द्र, अथवा इंटरनेट के माध्यम से अपना आवेदन कर सकते हैं.

चयनित लाभार्थियों को धनराशि का भुगतान ई-पेंमेंट से उनके बैंक खाते में भेजा जाता है. उन्होंने कहा कि ऐसे सभी व्यक्ति जिनमें कुष्ठ रोग के कारण दिव्यांगता आई हो तथा जिनके परिवार की आय उनके भरण पोषण के लिए पर्याप्त न हो उन्हें कुष्ठावस्था पेंशन का लाभ दिया जाता है.

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