स्वास्थ्य

जच्चा- बच्चा की सुरक्षा के लिए गर्भवती महिलाओं की हुई जांच

जिला महिला अस्पताल परिसर में  प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के
तहत आयोजित था कार्यक्रम

देवरिया। जच्चा और बच्चा दोनों को सुरक्षित और स्वस्थ रखने के लिए
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत शुक्रवार को जिला महिला
अस्पताल में गर्भवती महिलाओं की जांच हुई. शिविर में डॉ. रीता सिंह, डॉ.
आंचल गुप्ता, डॉ. स्याती की टीम ने 150 से अधिक गर्भवती महिलाओं की जांच
किया. जांच में सामने आया कि अधिकांश महिलाओं में खून या हीमोग्लोबिन की
कमी सामने आई.
खास बात रही कि इनमें गरीब घर की ही नहीं मध्यम वर्ग की महिलाएं भी शामिल
हैं. डॉ. रीता सिंह ने बताया कि खान- पान में लापरवाही के चलते होने वाली
इस तरह की कमी से बच्चे के साथ ही जच्चा की भी जान को खतरा बन रहा है.
उन्होंने बताया कि जिन गर्भवती महिलाओं में खून की या खून में
हीमोग्लोबिन की कमी होती है. उन्हें स्वस्थ्य रखने के लिए आयरन फोलिक
एसिड यानी आइएफए दिया जाता है. ज्यादा कमजोरी होने पर दो टेबलेट और कम
कमजोरी की स्थिति में एक टेबलेट दी जाती है. लेकिन देखा जा रहा है कि
महिलाएं इन दवाओं को लेने में आनाकानी कर रही हैं. इसके चलते जच्चा और
बच्चा दोनों की जान खतरे में पड़ रही है.

माह की 9 तारीख को होता है आयोजन
सीएमएस डॉ. माला सिन्हा ने बताया कि प्रधानमंत्री की यह योजना हाई रिस्क
वाली गर्भवती महिलाओं के लिए की गई. शिविर में हर तरह की जांच, पोषाहार,
दवाई वितरण व चेकअप एक ही छत के नीचे करने की व्यवस्था है. यह अभियान
प्रत्येक माह के 9 तारीख को चलता है.  प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व के
तहत जिला महिला हॉस्पिटल में एक ही स्थान पर गर्भवती महिलाओं की जांच की
गई. उन्होंने बताया कि जिले के सभी सीएचसी- पीएचसी पर शिविर का आयोजन
किया गया है.

आयरन टेबलेट लेने की सलाह
शिविर में जांच कराने आई नौ माह की गर्भवती संजू देवी ने बताया कि जांच
में हिमोग्लोबिन 8.2 आया है. डॉक्टर ने आयरन की टेबलेट लेने की सलाह दिया
है। सात माह की गर्भवती रिंकू देवी ने कहा कि हिमोग्लोबिन 8.8 है. डाक्टर
ने पोषक आहार खाने व आयरन की टैबलेट लेने की सलाह दी है. जिस पर अमल
करेंगे.

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