समाचार

न्यूजीलैंड की दो मस्जिदों पर आतंकी हमले की मुस्लिम समाज ने की निंदा

गोरखपुर। न्यूज़ीलैंड में क्राइस्टचर्च की दो मस्जिदों पर आतंकवादियों द्वारा किए गए आतंकी हमले में मारे गए 49 लोगों के लिए मुस्लिम समाज ने दुआ की और इस आतंकी घटना की कड़े शब्दों में निंदा की। इस हमले में घायल छह भारतीय मूल के लोगों के सलामती के लिए भी दुआ की गयी।

बेलाल मस्जिद अलहदादपुर के इमाम कारी शराफत हुसैन कादरी ने इस आतंकी घटना की निंदा करते हुए कहा कि बेगुनाहों पर जुल्म करने वाले आतंकवादियों का न कोई मजहब है और न कोई मुल्क। नमाजियों पर जिस तरह हमला किया गया वह बेहद निंदनीय है। मस्जिदों की सुरक्षा व्यवस्था के प्रति गंभीर लापरवाही बरती गईं। हमले में शहीद हुए नमाजियों को अल्लाह जन्नत में आला मकाम अता फरमाये और परिवार वालों को सब्र की तौफीक दे। घायल जल्द ही सेहतयाब हो बस यही दुआ है। आतंकी हमले में शामिल लोगों को सजा-ए-मौत दी जाए। हमले का शिकार हुए या हमले में घायल भारतीयों की मदद के लिए सरकार जल्द उचित कदम उठाए ताकि उनकी सही सलामती मुमकिन हो सके।

तंजीम उलेमा-ए-अहले सुन्नत के मौलाना मकसूद आलम मिस्बाही ने आतंकी हमले की निंदा की है और आतंकवादियों के इस कायरना कृत्य के लिए कड़ी सजा दिए जाने की बात कही है। वहीं पवित्र जुमा के दिन शहीद हुए नमाजियों के लिए व घायलों के सेहतयाबी के लिए दुआ की है। इस हमले पर दुनिया की चुप्पी पर सवालिया निशान भी लगाया है। हमारी मांग है कि हमले में घायल भारतीयों के लिए भारत सरकार उचित कदम उठाए। मस्जिद में जिस तरह बुजुर्गों, महिलाओं व बच्चों को निशाना बनाया गया उससे साफ पता चलता है कि यह हमला करने वाले आतंकवादी इस्लाम, मुसलमान और उनकी इबादतगाहों से बहुत ज्यादा नफरत करते हैं।

अखिल भारतीय मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षक संघ के नवेद आलम ने आतंकी हमले में शहीद हुए नमाजियों के लिए दुआ-ए-मगफिरत की है। उन्होंने इस अातंकी हमले की भर्त्सना की है। आतंकवादियों की कायरना व हताशा से भरे इस हमले से यह पता चलता है कि आतंकवाद का सबसे ज्यादा शिकार मुसलमान है। हमलावारों को कड़ी से कड़ी सजा दिया जाए और शहीद नमाजियों के परिवार वालों की न्यूजीलैंड सरकार द्वारा आर्थिक मदद दी जाए। दुनिया की तमाम मस्जिदों व इबादतगाहों की सुरक्षा बढ़ायी जाए। हमले में घायल भारतीयों की उचित देखभाल व सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किया जाए।

मदरसा जियाउल उलूम पुराना गोरखपुर गोरखनाथ के प्रधानाचार्य मौलाना नूरुज्जमा मिस्बाही ने कहा कि यह आतंकी हमला पूरी इंसानियत पर हमला है। वहशी आतंकी कार्यवाई से इंसानियत शर्मसार हुई है। बेगुनाह नमाजियों पर आतंकी हमले के दोषियों को मृत्युदंड दिया जाना चाहिए। हमले में शहीद नमाजियों को अल्लाह जन्नतुल फिरदौस में आला जगह इनायत फरमाये और परिवार वालों को दुख की इस घड़ी में सब्र अता फरमाये। घायल जल्द सेहतयाब हो जाएं। मस्जिद में हमला इस बात का प्रतीक है कि मुसलमानों के साथ उनकी इबादतगाहें चरमरंथियों, आतंकवादियों के निशाने पर हैं। हर शहरी व हर इबादतगाह की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ायी जाए ताकि इस तरह का हमला दोबारा न हो सके। इस हमले में भारतीय मूल के लोगों के लिए भारत सरकार सहायता के उचित कदम उठाए।

Leave a Comment