स्मृति

‘ बेहतरीन लेखक, जनप्रिय राजनेता और एक दूरदर्शी नेतृत्वकर्ता का अनूठा संगम था नेहरु का व्यक्तित्व ’

गोरखपुर. पंडित नेहरू का एक बेहतरीन लेखक, एक जनप्रिय राजनेता और एक दूरदर्शी नेतृत्वकर्ता का अनूठा संगम था जिसने इस देश में अनेक लोकतांत्रिक संस्थाओं को संजीवनी प्रदान की। यह देश उनके प्रति सदैव ऋणी रहेगा।

यह बातें दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विवि के कुलपति प्रो विजयकृष्ण सिंह ने 14 नवम्बर को केंद्रीय ग्रन्थालय के नेहरू हाल में प्रथम प्रधानमंत्री के विशाल तैल चित्र पर पुष्पार्चन के पश्चात अपने सम्बोधन में कही.

प्रो सिंह ने कहा कि वे आधनिक भारत के ऐसे महान शिल्पी थे जिन्होंने अपनी वैज्ञानिक सोच,कल्पनाशील दूरदर्शिता और योजनाबद्ध विकास की बुनियाद पर इस देश के नवनिर्माण की ईंटे रखीं। उन्होंने कहा कि पुस्तकों से इस महान लेखक का लगाव जगजाहिर है और पुस्तकालय जैसे परिसरों में उनकी जयंती पर कार्यक्रम एक सराहनीय आयोजन है।

इस अवसर पर प्रतिकुलपति प्रो एस के दीक्षित, प्रो चित्तरंजन मिश्र, डीन साइंस प्रो हरिसरन, डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो रविशंकर सिंह, शिक्षक संघ अध्यक्ष प्रो विनोद सिंह, नियंता प्रो गोपाल प्रसाद,प्रो राजवन्त राव, कुलसचिव श्री सुरेश चंद्र शर्मा, वित्त अधिकारी श्री वीरेंद्र चौबे,प्रो सुधीर कुमार, प्रो हिमांशु चतुर्वेदी,प्रो शोभा गौड़,प्रो शिखा सिंह, प्रो विजय कुमार, प्रो गौरहरि बेहरा, प्रो अजेय गुप्ता ,प्रो चंद्रभूषण अंकुर,प्रो उदय सिंह, प्रो विजय चहल , डॉ बी एन सिंह,निर्भय नारायण सिंह ,डॉ आर के मिश्र, डॉ मनोज द्विवेदी , सीमा चौधरी एवं मुकेश पांडेय सहित ग्रन्थालय के सभी कर्मचारी उपस्थित थे।

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