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रामगढ़ ताल के अतिक्रमण ध्वस्त करने, आमी को प्रदूषित करने वाले उद्योगों को बंद करने का आदेश

हाई पॉवर कमेटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति डीपी सिंह पिपरौली ब्लाक के अड़िलापार में आमी नदी का निरीक्षण करते हुए
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एनजीटी द्वारा गठित हाईपावर कमेटी का आमी नदी और रामगढ़ ताल के पदूषण पर  कड़ा रूख

गोरखपुर। रामगढ़ताल और आमी नदी में प्रदूषण मामले में नेशनल ग्रीन टिब्यूनल (एनजीटी) द्वारा गठित हाईपावर कमेटी ने 18 सितम्बर को रामगढ़ ताल और आमी नदी का निरीक्षण किया और अफसरों के साथ बैठक की. सेवानिवृत न्यायाधीश डीपी सिंह की अध्यक्षता में गठित हाईपावर कमेटी ने निरीक्षण और बैठक के बाद अफसरों को रामगढ़ताल के 50 मीटर के दायरे के सभी निर्माण तीन सप्ताह में ध्वस्त करने, रामगढ़ताल में गिरने वाले सभी नालों को बंद करने, आमी नदी को प्रदूषित कर रहे उद्योगों को एक सप्ताह के अंदर बंद करने का कड़ा आदेश दिया.

रामगढ ताल (फाइल फोटो)

आमी बचाओ मंच के अध्यक्ष विश्वविजय सिंह ने आमी नदी और मीरा शुक्ला ने रामगढ़ ताल के प्रदूषण के मामले में एनजीटी में अलग-अलग याचिका दाखिल की थी जिस पर लगातार सुनवाई हो रही है। एनजीटी ने आमी नदी और रामगढ़ ताल को प्रदूषित होने से रोकने के लिए कई आदेश दिए लेकिन जब सम्बन्धित अधिकारियों ने इस पर कार्रवाई नहीं की तो पिछली सुनवाई में उसने हाईपावर कमेटी गठित कर दी।

कमेटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति डीपी सिंह 18 सितम्बर को गोरखपुर आए। उन्होंने रामगढ़ताल का बोट से निरीक्षण करने के बाद सर्किट हाउस में सम्बंधित विभागों के अधिकारियो के साथ बैठक की. आमी नदी का प्रदूषण देखने के लिए वह पिपरौली ब्लाक के अड़िलापार गए। यहीं पर गीडा से निकलने वाला सरिया नाला, आमी नदी में मिलता है. सरिया नाले के जरिए आमी नदी में जा रहे कचरे को देख न्यायमूर्ति डीपी सिंह हतप्रभ रह गए. उन्होंने ग्रामीणों की पीड़ा सुनने के बाद मौके पर मौजूद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और गोरखपुर औद्योगिका विकास प्राधिकरण के अधिकारियो पर नाराजगी व्यक्त की.

सर्किट हॉउस में एनजीटी द्वारा गठित हाईपावर कमेटी ने बैठक की

उन्होंने कहा कि उद्योग जनता से अधिक कीमती नहीं है। सर्किट हाउस में बैठक के दौरान आमी बचाओ मंच के अध्यक्ष विश्वविजय सिंह ने वर्ष 2006 से अबतक विभिन्न स्तरों पर की गयी शिकायतों की काॅपी और आमी नदी से सम्बंधित जाँच रिपोर्ट, सीईटीपी लगने में किये जा रहे कागजी खेल को सबूतों सहित प्रस्तुत किया.

हाईपावर कमेटी ने अधिकारियों को एक सप्ताह के अंदर आमी को गन्दा कर रहे गोरखपुर, ,सन्तकबीर, नगर और बस्ती के उद्योगों को बंद करने का आदेश दिया. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कमेटी ने कहा कि वे नदी को प्रदूषित होने से राकें नहीं तो क्षेत्रिय अधिकारी निलंबित होंगे और उनके वेतन से रिकवरी भी की जायेगी। कमेटी ने एक महीने में गीडा में कामन इंफ्लुएंट ट्रीटमेन्ट प्लांट के लिये जमीन अधिग्रहण करने और प्लांट को लगाने की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया. कमेटी ने प्रदूषण रोकने का उपाय नही करने पर मगहर और खलीलाबाद नगर पंचायत पर एफ आई आर कराने का भी आदेश दिया.

हाईपावर कमेटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति डीपी सिंह ने कहा कि रामगढ ताल का वेटलैंड निर्धारित हो चुका है। मानक के अनुसार रामगढ़ताल के किनारे 50 मीटर तक के अतिक्रमण को 3 सप्ताह के अंदर ध्वस्त कर दिया जाय और ताल को जलकुंभी मुक्त किया जाय. वन विभाग रामगढ़ताल के किनारे पाकड़, गूलर, पीपल और आम के पेड़ लगाए.

मगहर में कबीर आश्रम के पास आमी नदी (फाइल फोटो)

कमेटी की बैठक में केंद्रीय प्रदूषण नियन्त्रण बोर्ड से डाक्टर डी के रस्तोगी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड गोरखपुर के क्षेत्रीय अधिकारी घनश्याम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड बस्ती के क्षेत्रीय अधिकारी डाॅक्टर एस पी सिंह, गीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी संजीव रंजन, नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश सिंह के अलावा वन विभाग, जल निगम और गोरखपुर विकास प्राधिकरण के अधिकारी उपस्थित थे.

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