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प्राइमरी स्कूल के प्रधानाध्यापक ने दलित महिला ग्राम प्रधान को झंडारोहण से रोका

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गोरखपुर/महराजगंज. महराजगंज जिले के बृजमनगंज ब्लाक के ग्राम महुआरी स्थित प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक अजय कुमार त्रिपाठी ने स्वतंत्रता दिवस पर दलित महिला ग्राम प्रधान रीता देवी को झंडा रोहण करने से रोक दिया. ग्राम प्रधान रीता देवी का आरोप है कि प्रधानाध्यापक ने कहा कि विद्यालय में आज तक किसी दलित ने ध्वजारोहण नही किया है, इसलिए मैं ही ध्वजारोहण करूँगा.

इस घटना का एक वीडियो गोरखपुर न्यूज लाइन को मिला है जिसमें प्रधानाध्यापक कह रहे हैं कि स्कूल में झंडारोहण का अधिकार उनका या उनके द्वारा बुलाए गए अतिथि का है. ग्राम प्रधान को उन्होंने बुलाया नहीं है, इसलिए वह समारोह में शामिल हो सकती हैं, लेकिन झंडारोहण नहीं कर सकतीं. वह चाहे तो अपने कार्यालय पर झंडारोहण करें.

घटना के सम्बन्ध में मिली जानकारी के अनुसार महुआरी में दो सरकारी विद्यालय है। एक जूनियर हाई स्कूल और दूसरा अंग्रेजी माध्यम का प्राइमरी स्कूल. इस गांव की प्रधान रीता देवी हैं. वह दलित समुदाय की हैं. प्राइमरी स्कूल के प्रधानाध्यापक के रूप में अजय कुमार त्रिपाठी की तैनाती डेढ वर्ष यहां हुई. श्री त्रिपाठी इसी गांव के हैं.

स्वतंत्रता दिवस पर ग्राम प्रधान रीता देवी अपने पति रामकेवल के साथ पहले जूनियर हाईस्कूल पर गई और झंडारोहण किया. इसके बाद वह प्राईमरी स्कूल पर गई तो उन्होंने गेट का ताला बंद पाया. अंदर बच्चे और शिक्षक स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम की तैयारी में लगे थे. तब ग्राम प्रधान एक दूसरे गेट से प्राईमरी स्कूल के कैम्पस में पहुंची और झंडारोहरण के लिए आगे बढ़ी लेकिन प्रधानाध्यापक अजय कुमार त्रिपाठी ने उन्हें रोक दिया.

इस पर श्री त्रिपाठी की ग्राम प्रधान के पति रामकेवल से बहस हो गई. रामकेवल ने कहा कि ग्राम प्रधान ही यहां पर झंडारोहण करती रही हैं. यह परम्परा है लेकिन प्रधानाध्यापक ने कहा कि वह खुद झंडारोहरण करेंगे। यह उनका अधिकार है। वह अपना अधिकार स्थानान्तरित नहीं कर सकते। ग्राम प्रधान चाहे तो समारोह में शामिल रहे और झंडे को सलामी दें लेकिन झंडारोहण करने का अधिकार उनका या उनके द्वारा बुलाए गए अतिथि का ही है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि यहां विवाद पैदा करने की कोशिश की गई तो वह पुलिस को बुला लेंगे. इतना कहते हुए उन्होंने झंडारोहण कर दिया.

ग्राम प्रधान रीता देवी के पति रामकेवल ने कहा कि जबसे अजय कुमार त्रिपाठी यहां पर प्रधानाध्यापक बन कर आए हैं, वह शिक्षण कार्य करने के बजाय राजनीति कर रहे हैं. वह इसी गांव के निवासी हैं. वह उन्हें और उनकी ग्राम प्रधान पत्नी को विद्यालय नहीं आने देते हैं. गणतंत्र दिवस पर भी उन्होंने ग्राम प्रधान को झंडारोहण करने से रोका था. तब जूनियर हाईस्कूल के प्रधानाचार्य रामकेवल पासवान के हस्तक्षेप से रीता देवी झंडारोहण कर सकीं.

उन्होंने आरोप लगाया कि विवाद के दौरान प्रधानाध्यापक ने टिप्पणी की कि कोई दलित स्कूल में झंडारोहरण नहीं कर सकता. यही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि ग्राम प्रधान का चरित्र ठीक नहीं है, इसलिए उन्होंने उन्हें झंडारोहण करने से रोका.

ग्राम प्रधान ने इस घटना की जानकारी बेसिक शिक्षा अधिकारी को देकर प्रधानाध्यापक के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है.

इस सम्बन्ध में खंड शिक्षा अधिकारी तारकेश्वर से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि प्रधान को झंडा रोहण से रोकना उचित नहीं है। यदि ऐसा हुआ है तो हेडमास्टर से जवाब लिया जायेगा.

गोरखपुर न्यूज लाइन से बातचीत में ग्राम प्रधान रीता देवी के पति रामकेवल ने कहा कि प्रधानाध्यापक अजय कुमार त्रिपाठी ने पुरानी रंजिश और दलित होने के कारण रीता देवी को झंडारोहण करने से रोका. अजय कुमार त्रिपाठी से उनके भाई के परिवार से चकरोड काटने को लेकर विवाद हुआ था. इस मामले में श्री त्रिपाठी ने उनके भाई के परिजनों पर हमला किया था और उन्हें जाति सूचक गालियां दी थीं. इस मामले में उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हुई थी. इसी को लेकर वह रंजिश रखते हैं.

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