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प्रो. एन पी भोक्ता बने शिक्षा शास्त्र विभाग के अधिष्ठाता एवं विभागाध्यक्ष

गोरखपुर, 2 जुलाई। गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एन पी भोक्ता ने एक जुलाई को शिक्षा शास्त्र विभाग के अधिष्ठाता एवं विभागाध्यक्ष का कार्यभार ग्रहण किया। विभाग की अध्यक्ष प्रोफेसर सुमित्रा सिंह ने उन्हें कार्यभार ग्रहण कराया।

कार्यभार संभालने के बाद प्रोफेसर एन पी भोक्ता ने कहा कि शिक्षण प्रशिक्षण एवं शोध कार्य की गुणवत्ता को बढ़ाना हमारी प्राथमिकता होगी। प्रोफेसर एन पी भोक्ता के विभागाध्यक्ष बनने पर शिक्षा शास्त्र विभाग की पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर शैलजा सिंह, प्रोफेसर शोभा गौड़, प्रोफेसर उदय सिंह, धर्मव्रत तिवारी सहित अन्य गुरुजनों ,शोध छात्रों एवं कर्मचारियों ने बधाई दी।

प्रोफेसर एनपी भोक्ता ने जेएनयू से एम ए इतिहास तथा एम फिल एवं पीएचडी डी यू ( सी आई ई ) से शिक्षाशास्त्री प्रोफेसर सुरेश चंद्र शुक्ला के निर्देशन में पूर्ण किया।  2 मार्च 1980 में लेक्चरर के रूप में गोरखपुर विश्वविद्यालय शिक्षा शास्त्र विभाग में ज्वाइन किया। यहीं रीडर बने तथा वर्तमान में प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं। प्रोफेसर भोक्ता को विस्तृत प्रशासनिक अनुभव है। वे राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के समन्वयक भी रहे हैं। 2006 में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के रुप में चयनित होने के बावजूद उन्होंने दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में ही रहने का निर्णय लिया। इन्होंने 12 शोध छात्रों का पीएचडी निर्देशन किया है। वर्तमान में दीनदयाल उपाध्याय शोध पीठ के निदेशक तथा विभाग से निकलने वाली  ए.इ.डी. जरनल ऑफ एजुकेशनल स्टडी के मुख्य संपादक भी हैं। इन्होंने शिक्षा से संबंधित 6 किताबों का लेखन एवं संपादन कार्य किया है।

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