समाचार

रेल अधिकारी सरल और समझ में आने वाली भाषा में निर्देश दें- निखिल पांडेय

  • 8
    Shares

पूर्वोत्तर रेलवे राजभाषा संगोष्ठी व समीक्षा बैठक
मैथिलीशरण गुप्त की याद में कवि दिवस मनाया गया
श्री गुप्त के जीवन पर आधारित फिल्म का प्रदर्शन व कृतित्व पर चर्चा

गोरखपुर 03 अगस्त; पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक सभाकक्ष में आज राजभाषा संगोष्ठी व समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुये वरिष्ठ उप महाप्रबन्धक एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी निखिल पांडेय ने कहा कि अधिकारी अपने निर्देश सरल और समझ में आने वाली भाषा में ही दें. उन्होंने कहा कि हमारा सम्पूर्ण कार्यक्षेत्र हिन्दी भाषी क्षेत्र में आता है, अतः हिन्दी में कार्य करना संवैधानिक दायित्व भी है. उन्होंने उम्मीद व्यक्त किया कि इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा हिन्दी में कार्य होगा, जिससे हम अपनी स्थिति अन्य क्षेत्रों से उपर बनाये रखेंगे.

इससे पूर्व उन्होंने राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त के चित्र पर माल्यार्पण कर संगोष्ठी का शुभारम्भ किया. उप महाप्रबन्धक/सामान्य एवं राजभाषा सम्पर्क अधिकारी ने स्वागत सम्बोधन में कहा कि 03 अगस्त को ‘कवि दिवस‘ के रूप में भी मनाया जाता है. आज की संगोष्ठी में हम एक फिल्म के माध्यम से राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त के व्यक्तित्व एवं कृतित्व के बारे में जानेंगे. उन्होंने राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त के जीवन और कृतित्व के बारे में विस्तार से बताते हुये कहा गुप्त जी खड़ी बोली के प्रथम महत्वपूर्ण कवि हैं. वे कबीरदास के भक्त थे. पंडित महावीर प्रसाद द्विवेदी जी की प्रेरणा से गुप्त जी ने खड़ी बोली को अपनी सर्जना का माध्यम बनाया. राजेश तिवारी ने कहा कि हिन्दी कविता के इतिहास में श्री गुप्त का बड़ा योगदान रहा है. पवित्रता, नैतिकता और परम्परागत मानवीय सम्बन्धों की रक्षा श्री गुप्त के काव्य के प्रथम गुण हैं. इस अवसर पर राज्यसभा टी.वी. से साभार प्राप्त राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त के जीवन पर आधारित फिल्म दिखाई गई.

अन्य वक्ताओं जे.पी.सिंह, उप मुख्य सतर्कता अधिकारी/यातायात एवं उप मुख्य राजभाषा अधिकारी तथा डी.के.त्रिपाठी, मुख्य वाणिज्य निरीक्षक/आर.टी.आई. ने मैथिली शरण गुप्त पर अपने विचार व्यक्त किये . संगोष्ठी का संचालन ए.डी.अग्निहोत्री, उप सचिव/जनपरिवेदना ने किया तथा आभार अफजाल अहमद खान, सहायक सचिव/गोपनीय ने किया। समन्वय जितेन्द्र कुमार पाण्डेय, वरिष्ठ अनुवादक ने किया । इस अवसर पर प्रबन्ध विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे.

Skip to toolbar