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सिद्धार्थनगर के इटवा में दुबई भेजने के नाम पर 17 लाख की ठगी

 

गोरखपुर: सुनहरे भविष्य का सपना युवाओं को ठग रहा है. विदेशों में नौकरी दिलाने के नाम पर पूर्वी उत्तर प्रदेश के लगभग हर जिले में कबूतरबाज सक्रिय हैं. इन्होंने कस्बों में अपने दफ्तर खोल रखे हैं, इनके एजेन्ट गांव गांव घूमकर अपना शिकार तलाशते हैं. ताजा मामला सिद्धार्थनगर की इटवा तहसील का है जहां दो साल पहले 26 युवाओं से 16.90 लाख रुपये एक कबूतरबाज ने दुबई भेजने के नाम पर ठग लिये. युवाओं को जब ठगी का अहसास हुआ तो इटवा थाना में शिकायत की, मामला दर्ज है पर कार्रवाई शून्य उधर कबूतरबाजों ने समझौते की फर्जी बयानहलफी थाने में दाखिल कर एफआईआर की मंसूखी की कोशिश कर डाली.

आरोपी डुमरियागंज थाना क्षेत्र के एक गांव का निवासी है. पीड़ित युवा  इटवा थानाक्षेत्र के दुफेड़िया ग्राम सभा के हैं. लगभग दो वर्ष बीतने के बाद भी कोई कार्रवाई न होने से पीड़ितों में  निराशा है.

कबूतरबाजों ने 26 बेरोजगार नौजवानों को विदेश में नौकरी दिलाने का सब्जबाज दिखाकर ठग लिया

दो वर्ष पुराना है मामला, दर्ज एफआईआर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, ठगों ने फर्जी बयानहल्फी लगाकर विवेचना रोकने की कोशिश की

इटवा थानाक्षेत्र के दुफेड़िया निवासी मो. खालिद पुत्र मो. वसीर ने तीस जून को पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र दिया. इसमे आरोप लगाया कि डुमरियागंज के माली मैनहा निवासी सईद मोहम्मद पुत्र सफी मोहम्मद उनके घर आए और खुद को दुबई की प्रतिष्ठित कंपनी का एजेंट बताते हुए कहा कि उनकी कंपनी में तीस लोगों की जरूरत है अगर आप लोग बाहर जाकर एक से डेढ़ लाख महीना कमाना चाहते हैं तो पैंसठ हजार रुपया प्रति व्यक्ति के हिसाब से देकर वीजा प्राप्त कर लें और विदेश जाकर रोजगार का लाभ उठाएं. उनकी बातों पर विश्वास कर खालिद सहित गांव के अन्य व उनके रिश्तेदारी के कुल छब्बीस लोगों ने पैसा जमा किया. पैसा जमा करने के वक्त कहा गया था कि दस दिन के भीतर वीजा मिल जाएगा. बाद में लगभग चार महीने तक वीजा आने का बहाना बनाते रहे. थक हारकर पीड़ितों ने इटवा पुलिस को तहरीर दी लेकिन मुकदमा नहीं दर्ज नहीं हुआ .

तत्कालीन पुलिस अधीक्षक के आदेश के बाद इस मामले में सईद अहमद, जावेद खान, ब यार मोहम्मद, सुकरूल्लाह, लतीफ के खिलाफ आइपीसी की धारा 419, 420, 406, 504, 506,120 बी के तहत मुकदमा इटवा थाने में दर्ज किया गया.

पीड़ितों ने गोरखपुर न्यूज लाइन को बताया कि विवेचना के दौरान ही आरोपियों ने पुलिस की मिलीभगत से एक पीड़ित खालिद के नाम से समझौते की फर्जी बयानहलफी दाखिल किया. इसके मुताबिक  दोनों पक्षों में सुलह हो चुका है, इसलिए मुकदमा समाप्त कर दिया जाए. पीड़तों को जब इसके बारे में जानकारी मिली तो पुन: इटवा पुलिस व कप्तान को प्रार्थनापत्र देकर हलफनामे को झूठा व कूटरचित बताकर मुकदमा जारी रखने का अनुरोध किया.

मुकदमा  जारी है लेकिन पुलिस की विवेचना अभी किसी नतीजे तक नहीं पहुंची। पैसा गंवाने के बाद भी आरोपियों पर कोई कार्रवाई न होने से जहा पीड़ितों में निराशा है वहीं आरोपी खुलेआम पीड़ितों को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं. इस संबंध में थानाध्यक्ष गोपालस्वरूप बाजपेयी ने कहा कि इस मामले में दोबारा विवेचना का निर्देश मिला है. विवेचना शीघ्र पूरी करते हुए आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी.

 

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