स्वास्थ्य

देवरिया में एईएस के इलाज की तैयारी शुरू, नर्सों को दिया टिप्स

देवरिया में नर्सों को एईएस से बचाव और इलाज का टिप्स देते एसीएमओ

देवरिया, जिला अस्पताल के प्रशिक्षण हॉल में सोमवार को 20 स्टॉफ नर्सों को पांच दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया जिसका शुभारम्भ एसीएमओ डॉ संजय चंद ने किया. इस प्रशिक्षण में सीएचसी, पीएचसी, जिला अस्पताल व पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीकू व मिनी पीकू)  की स्टॉफ नर्स शामिल हुयी उन्हें प्रशिक्षण में एईएस से बचाव के लिए उपचार के तरीके बताए गए.

पांच दिन चलेगा प्रशिक्षण, एसीएमओ ने किया प्रशिक्षण कार्यक्रम का  शुभारम्भ

एसीएमओ डॉ संजय चंद ने दिमागी बुखार के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति या बच्चे को लगभग एक से दो हफ्ते बुखार सिर दर्द के साथ ही सामान्य मानसिक चेतना परिर्वतन हो, मरीज को दौरे पड़ना शुरू हो जाये, इसके अलावा मरीज को चिड़चिड़ाहट, थकान व असामान्य व्यवहार दिखे तो ऐसे मरीज को विशेष उपचार की जरूरत होती है. प्रशिक्षक बाल रोग विशेषज्ञ डॉ एके वर्मा ने बुखार होने के कारणों व बचाव के तरीका के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि साफ-सफाई न होने, दूषित जल पीने आदि विभिन्न कारण से यह बीमारी होती है. एसीएमओ वेक्टर बार्न डॉ डीबी शाही ने कहा कि एईएस रोगियों के भर्ती होने पर उनका समुचित प्रबंधन व बेहतर उपचार स्टाफ नर्स को यह प्रशिक्षण कराया जा रहा है. डॉ रामसकल यादव, डॉ कार्तिक पांडेय, डॉ एसके सिंह ने भी नर्सों को प्रशिक्षण दिया.

इस मौके पर सीएमएस डॉ छोटेलाल , जिला मलेरिया अधिकारी शिव प्रसाद तिवारी,सहायक मलेरिया अधिकारी असमत खान, सुधाकर मणि, सीपी मिश्रा,डॉ सतीश पांडेय, मलेरिया निरीक्षक स्मिता सोनी,सीपी सिंह सहित   20 स्टाफ नर्स मौजूद रहीं.

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