Tag - जसम

साहित्य - संस्कृति

आलेख पढ़ और ग़जल गा फ़िराक गोरखपुरी को याद किया

गोरखपुर. प्रेमचंद पार्क में प्रलेस, जलेस, जसम व इप्टा के संयुक्त तत्वावधान में 28 अगस्त को फिराक गोरखपुरी  की जयंती मनायी. इस मौके पर रवीन्द्र श्रीवास्तव...

साहित्य - संस्कृति

रचनाओं का पाठ कर हरिशंकर परसाई को याद किया

गोरखपुर. प्रसिद्ध व्यंग्य लेखक हरिशंकर परसाई की पुण्य तिथि पर 10 अगस्त को गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब में स्मृति सभा आयोजित की गई। यह आयोजन प्रगतिशील लेखक...

विचार

मार्क्स का चिंतन सिर्फ आर्थिक नहीं सम्पूर्ण मनुष्यता का चिंतन है: रामजी राय

गोरखपुर। मार्क्स ने मुनष्य को एक समुच्चय में नहीं एक सम्पूर्ण इकाई के रूप में समझा और कहा कि वह एक ही समय में आर्थिक, राजनीतिक, दार्शनिक, सांस्कृतिक होता है।...

साहित्य - संस्कृति

गोरख की कविता मुक्ति स्वप्न की कविता है- अवधेश

इलाहाबाद में गोरख स्मृति दिवस इलाहाबाद , 31 जनवरी . परिवेश और जन संस्कृति मंच की ओर से इलाहाबाद छात्र संघ भवन में 29 जनवरी को जन...

साहित्य - संस्कृति

प्रो. विनय कंठ ने शिक्षा को जनपक्षीय बनाने के लिए संघर्ष किया

प्रो. विनय कंठ को जसम की श्रद्धांजलि पटना (बिहार), 29 दिसम्बर. जाने-माने शिक्षाविद् और पटना विश्वविद्यालय में गणित के चर्चित शिक्षक प्रो. विनय कंठ के निधन पर...

साहित्य - संस्कृति

कभी धूमिल नहीं होगी कुँवर नारायण की स्मृति

 कवि कुंवर नारायण को जन संस्कृति मंच  की श्रद्धांजलि मुक्तिबोध ने उन्हें पसंद किया और उनके दूसरे कविता-संग्रह ‘परिवेश : हम-तुम’ की समीक्षा करते हुए...

साहित्य - संस्कृति

पटना में कोरस के ‘ अजदिया भावेले ‘ में नूर जहीर का कहानी और सविता सिंह का कविता पाठ

पटना,  1 नवम्बर. जन संस्कृति मंच की इकाई कोरस ने 28-29 अक्टूबर को पटना के बीआइए सभागार में ‘अजदिया भावेले’  कार्यक्रम के तहत कहानी और कविता पाठ तथा...

साहित्य - संस्कृति

‘ क्रांति के रागिनी हम त गईबे करब ’

आरा में जनकवि रमाकांत द्विवेदी ‘रमता’ जन्मशती कार्यक्रम का आयोजन आरा (बिहार ), 1 नवम्बर.  हिंदी और भोजपुरी के जनकवि रमाकांत द्विवेदी...

साहित्य - संस्कृति

′′ कुछ तो किरदार नए मंच पर लाए जाएं और नाटक को सलीके से निभाया जाए ’’

हर दिल अजीज कवि वीरेन डंगवाल की स्मृति में जन संस्कृति मंच का सालाना काव्य-जलसा वीरेनियत-2 नई दिल्ली, 1 नवम्बर. हर दिलअजीज कवि वीरेन डंगवाल की स्मृति में होने...

साहित्य - संस्कृति

‘ प्रेम, संघर्ष व श्रम से मिलकर बनी है तश्ना आलमी की शायरी ‘

स्मृति सभा  आयोजित कर संस्कृति कर्मियों, लेखकों ने  तश्ना आलमी को याद किया लखनऊ, 22 सितम्बर। कवि के लिए जरूरी है कि वह पहले इंसान हो। इंसानियत ही किसी कवि को...