Tag - मुशायरा

साहित्य - संस्कृति

‘ नहीं पसंद मेरे तंग ज़हन क़ातिल को, ये हर्फे शुक्र,ये खंजर पे मुस्कराना मेरा ’

बज़्म ए फिक्र ओ फन के तत्वावधान में लखनऊ में  मुशायरे का आयोजन लखनऊ। बज़्म ए फिक्र ओ फन के तत्वाधान में एक शानदार मुशायरे का आयोजन अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध...

राज्य

कुवैत के मो.आमिर को उर्दू अदब व डा.हरिओम को साहित्यश्री सम्मान

हिन्दी-उर्दू साहित्य अवार्ड कमेटी का अलंकरण समारोह व मुशायरा लखनऊ, 23 जून। पेपरमिल कालोनी के क़ैफ़ी आज़मी प्रेक्षागृह में आज शाम हिन्दी-उर्दू साहित्य अवार्ड कमेटी...

साहित्य - संस्कृति

“ जिस झूठ को तुम चाहो फैलाओ जमाने में, अखबार तुम्हारे हैं चैनल भी तुम्हारे हैं ”

स्टार चेरिटेबुल ट्रस्ट ने आयोजित किया चौथा सैयद मज़हर अली शाह मेमोरियल आल इंडिया मुशायरा एवं कवि सम्मेलन  सैयद फरहान अहमद गोरखपुर , 12 नवम्बर.स्टार चेरिटेबुल...

साक्षात्कार

‘ पत्थर की इमारत हूं मगर मोम का दिल है, पूनम का हंसी चाँद मेरे गाल का तिल है ’

गोरखपुर, 12 नवम्बर।  शायर इकबाल अशहर ने उत्तेजना पैदा करने वाली शायरी  करने वालों को निशाना बनाते हुए कहा कि ऐसे लोगों ने शायरी का मतलब ही बदल दिया है। शायरी...

साक्षात्कार

ये बहता खून, ये लाशें…….सियासत की जमीं एक बार फिर तैयार कर देंगे – डा. नसीम निकहत

सैयद फरहान अहमद गोरखपुर, 12 नवम्बर। मशहूर शायरा डा. नसीम निकहत ने कहा कि मौजूदा हालत से देश के अमन पसंद लोगों में बेचैनी है। इसके असर से शायर भी अछूते नहीं है।...

साहित्य - संस्कृति

चौथा सैयद मज़हर अली शाह मेमोरियल आल इंडिया मुशायरा एवं कवि सम्मेलन 11 नवम्बर को

गोरखपुर, 22 अक्टूबर। स्टार चेरिटेबुल ट्रस्ट की जानिब से चौथा सैयद मज़हर अली शाह मेमोरियल आल इंडिया मुशायरा एवं कवि सम्मेलन 11 नवम्बर को रात  8 बजे बक्शीपुर...

साहित्य - संस्कृति

‘ फिजाँ में उड़ रहे है जहरीले जुगनू क्यों नहीं दिखते, किसी भी हादसे के सारे पहलू क्यों नहीं दिखते ‘

एमएसआई का ग्राउंड बना बेहतरीन मुशायरे का गवाह गोरखपुर, 4 मई। मंगलवार की रात मियां साहब इस्लामियां इण्टर कालेज बक्शीपुर बेहतरीन मुशायरे का गवाह बना। लोग बेहतरीन...