पर्यावरण समाचार

गंडक नदी की बाढ और कटान से विस्थापित ग्रामीणों ने तमकुहीराज तहसील पर धरना दिया

कुशीनगर, 22 जून.  गंडक नदी की बाढ और काटन से विस्थापित ग्रामीणों ने 21 जून को कांग्रेस विधान मंण्डल दल के नेता एवं विधायक अजय कुमार लल्लू के अगुवाई में तमकुहीराज तहसील मुख्यालय पहुंच धरना दिया।  ग्रामीणो का कहना था कि वर्षो पूर्व गंडक नदी के कटान से विस्थापित होने के बावजूद प्रशासन ने उनके पुनर्वास की व्यवस्था नही की है।

धरना-प्रदर्शन की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे एसडीएम ने 15 दिन के अन्दर समस्या समाधान का भरोसा दिलाया जिसके बाद धरना स्थगित हो गया।

गुरूवार को विधायक अजय कुमार लल्लू के अगुवाई मे तहसील क्षेत्र के अहिरौलीदान, पिपराघाट, रामपुर बरहन व तिवारी पट्टी के सैकड़ों ग्रामीण तमकुहीराज तहसील मुख्यालय पहुंच धरने पर बैठ गये। धरना को सम्बोधित करते हुए विधायक ने कहा कि तिवारी पट्टी मे सरकारी भूमि पर वर्षो से बसे 34 गरीब लोगों को प्रशासन ने उजाड़  कर उनके परिवारीजनो को विस्थापित कर सड़क किनारे प्लास्टिक का टेन्ट बनाकर उसमें रहने को विवश कर दिया है। गंडक नदी के कटान से अहिरौलीदान के 70, पिपराघाट के 13 व रामपुर बरहन के 74 परिवार घर से बेघर होकर वर्षो से विस्थापित जीवन जीने को मजबूर है। बाढ पीडितो को प्रशासन के ढुलमुल रवैये के कारण आवसीय पट्टा नही मिलने से वह बन्धे किनारे अपना आशियाना बनाकर गुजर बसर कर रहे हैं।

flood effected peoples

उन्होने प्रशासन को चेताया कि 15 दिनो के अन्दर बाढ विस्थापितो के समस्याओ का समाधान नही किया गया तो वह तहसील मुख्यालय पर घेरा डालो डेरा डालो आन्दोलन करने को मजबूर होगे।

विधायक के धरने पर बैठने की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे एसडीएम त्रिभुवन ने यथाशीघ्र  समस्या समाधान कराने का भरोसा दिलाया।  इस दौरान लल्लन मद्वेशिया, अनिल पटेल, गुरूचरण गुप्ता, राजेश सिंह, अशोक पटेल, प्रभु गुप्ता, व्यास कुशवाहा, बनारसी यादव, मंजूर अली, विकास कुशवाहा, कृष्णा पटेल, सतीश, जेबी सिंह, राधेश्याम यादव, पंकज यादव आदि मौजूद रहे।

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