Sunday, January 29, 2023
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‘ एम्स को गोरखपुर से लौटाने की स्थिति बना रहे हैं भाजपा-सपा ’

गोरखपुर हेल्थ फोरम के संयोजक पूर्व कुलपति प्रो राधे मोहन मिश्र का आरोप

गोरखपुर, 2 जुलाई। गोरखपुर हेल्थ फोरम ने केन्द्र और प्रदेश सरकार के साथ-साथ भाजपा व सपा नेताओं पर गोरखपुर में एम्स स्थापित करने की राह में बाधाएं खड़ी करने का आरोप लगाया है। फोरम ने कहा कि दोनों मिल कर ऐसी स्थितियां बना रहे हैं जिससे एम्स गोरखपुर से चला जाएगा।
गोरखपुर हेल्थ फोरम के संयोजक एवं पूर्व कुलपति प्रो राधेमोहन मिश्र ने एक पत्रकार वार्ता में कहा कि एम्स के लिए गोरखपुर और महराजगंज के भाजपा सांसदों द्वारा बार-बार नए स्थान प्रस्तावित कर पूर्वांचल की जनता को भ्रमित करने का कार्य कर रहे हैं। जब केन्द्रीय टीम ने गोरखपुर का दौरा कर खुटहन को एम्स के लिए सबसे उपयुक्त जगह बताया तो उन्होंने गोरखपुर के एक पूर्व जमींदार ने को खड़ा कर मुकदमा कर उसे विवादित बना दिया। चर्चा तो यहां तक है कि इस व्यक्ति को गोरखपुर के भाजपा सांसद का आशीर्वाद प्राप्त है और चूंकि वह अपना मेडिकल कालेज बना रहे हैं इसलिए वह नहीं चाहते कि यहां एम्स बने। अब वह फर्टिलाइजर की जमीन को एम्स के लिए उपयुक्त बताकर केन्द्रीय टीम से सर्वे करा रहे हैं जबकि यह सब जानते हैं कि खाद कारखाना के साथ एम्स जैसा उच्चस्तरीय चिकित्सा संस्थान स्थापित नहीं हो सकता क्योंकि दोनों के मानक व शर्तें अलग-अलग है और वहां बराबर प्रदूषण व अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। यही नहीं उन्होंने गोरखपुर में एम्स के लिए 1600 करोड़ रूपए जारी होने और निर्माण के लिए केन्द्रीय एजेंसी के गोरखपुर आने का झूठा बयान भी दिया जबकि केन्द्र सरकार ने कुछ दिन पहले ही लोकसभा में भाजपा के ही सांसद पंकज चैधरी द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में कहा था कि गोरखपुर में एम्स के लिए अभी धन जारी नहीं किया गया है। केवल सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। प्रो मिश्र के आरटीआई के जवाब में भी यही बात सामने आयी है।
प्रो मिश्रा ने प्रदेश की सपा सरकार को भी कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि सरकार जनहित के इस महत्वपूर्ण मामले में हाईकोर्ट में प्रभावी ढंग से पैरवी नहीं कर रही हैं। इसी कारण हाईकोर्ट में खुटहन की जमीन के बारे में फैसला आने में देरी हो रही है। उन्होंने कहा कि लगता है कि विधानसभा चुनाव के मद्देनजर दोनों सरकारें इस मुद्दे पर सिर्फ बयानबाजी कर लोगों को भ्रमित करना चाहती हैं ताकि एम्स की स्थापना जमीन के विवाद में फंस जाए और यहां से एम्स चला जाए। उन्होंने गोरखपुर के सांसद को इस आरोपों पर सफाई देने की भी मांग कि जिसमें उन पर अपने मेडिकल इंस्टीच्यूट के लिए गोरखपुर में एम्स की स्थापना में अड़ंगा लगाए जाने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि यदि 14 अगस्त 2016 तक गोरखपुर में एम्स का निर्माण शुरू नहीं हुआ तो 15 अगस्त से पूर्वांचल के गांव-गांव, घर-घर दस्तक देंगे और ‘ एम्स नही ंतो वोट नहीं ’ के नारे के साथ लोगों से विनम्र अपील करेंगे कि ऐसी पार्टियों और नेताओं को वोट न दें जिन्होंने इस मुद्दे पर लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ किया है। इस अभियान में गोरखपुर हेल्थ फोरम, समर्पण, भारतीय किसान यूनियन भानू, नई उम्मीद, हम, स्वराज अभियान, आदि संगठन भाग लेंगे। पत्रकार वार्ता में मारकंडेय मणि, अजय भी उपस्थित थे।

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