Friday, December 9, 2022
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दो दर्जन हाथियों के समूह ने भारत-नेपाल बाड॔र पर डेरा डाला

कुशीनगर, 17 नवम्बर.  सरहद पार नेपाल के परसा वन आश्रयणी क्षेत्र से भटके करीब दो दर्जन हाथियों का समूह भारत-नेपाल के बाड॔र पर डेरा डाले हुए है।  फिलहाल उन हाथियों का समूह वीटीआर से वापस सरहद उस पार करीब 50 मीटर  के दायरे में ही डेरा डाले हुए है।

यह जानकारी हाथियों को भगाने में जूटी वनकर्मियो की टीम के हवाले टाईगर रिजर्व वन प्रमण्डल एक के डीएफओ गौरव ओझा ने दी । डीएफओ ने बताया कि वह हाथियों का समूह कभी लौट रहा है, तो कभी वापस वीटीआर मे आ रहा है। इन हाथियों को भगाने तथा निगरानी के लिए नेपाल के  परसा वन आश्रणीय क्षेत्र से वनकर्मियो की टीम मानपुर बाड॔र पर पहुंचकर वीटीआर के वनकर्मियो के रणनीति बनायी है। वह दोनों देशों की टीम अब उन भटके हाथियो को भगाने तथा निगरानी के लिए संयुक्त रूप से अभियान शुरू किया है। इसको लेकर नेपाल की ओर से  प्रशिक्षित वनकर्मियो की टीम पहुंची है।

श्री ओझा ने बताया कि वह हाथियों का समूह कब किस ओर मुमेंट कर रहा है। इस आशंका को लेकर दोनों देशों के वन कर्मचारी पुरी तरह सतर्कता के साथ चौकस है। हालांकि डीएफओ ने स्वीकार करते हुए कहा कि फिलहाल हाथियों का समूह वीटीआर से बाहर नेपाल क्षेत्र मे है।  उन्होने क्षेत्र के लोगो से भी सतर्कता बरतने का अपील किया है। डीएफओ ने कहा कि पुर्व मे हाथियो से किसानों का जो भी क्षतिग्रस्त हुआ है, उसकी जांच के लिए टीम को लगाया गया है तथा किसान भी अपनी क्षतिग्रस्त हुये फसल का दावा करें इसकी जांच कर क्षतिपूर्ति दिलाया जायेगा।

उधर  बिहार व उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती पिपरासी के गंडक दियारा मे डेरा डाले गैंडा का रेस्क्यू करने के लिए नेपाल से हाथी स्पाॅट टीम गुरुवार को मदनपुर वन क्षेत्र कार्यालय पहुँच गई है. एक दो दिनों के अंदर सीमावर्ती दियारा मे गैंडा पकड़ने  के लिए रेस्क्यू अभियान शुरु हो जायेगा. गेंडो को बेहतर रेस्क्यू करने के लिए नेपाल के चितवन से टेक्यूलाइजर गन के साथ डॉक्टरों की एक टीम भी पहुंच रही है.  इस नेपाली स्पाॅट  टीम के साथ वीटीआर के वन क्षेत्रो से तथा बेतिया वन प्रमण्डल बेतिया के बगहा वन क्षेत्र से वनकर्मियो की टीम भी इस रेस्क्यू अभियान मे शामिल होगी. इस अभियान का मानिटरिंग डीएफओ अमित कुमार व हेमंत पाटिल खुद करेगें। वन प्रमण्डल दो के डीएफओ अमित कुमार ने बताया कि बिहार व युपी के सीमावर्ती दियारा मे विशाल गन्ना, खर पतवार, झउआ पटेर, तथा नदी नाला होने से गैंडा रह-रहकर अपना जगह बदल रहा है। जिसके चलते सही लोकेशन नही मिलने से उसे रेस्क्यू करने में परेशानी हो रही है। डीएफओ ने बताया कि मदनपुर वन प्रक्षेत्र अधिकारी आनंद कुमार को हाथी स्पाॅट टीम की मानिटरिंग  करने की जिम्मेवारी सौंपी है। तथा हाथी स्पाॅट टीम को हर सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।  तीन माह पूर्व  बाढ़ के पानी में फंसकर नेपाल के जंगल से दर्जनों गेंडो का समुह वीटीआर के जंगल और दियारा में आ गया था। जिसमें 9 गैंडो को सुरक्षित रेस्क्यू कर नेपाल भेज दिया गया था.  उसी में से एक ने पिपरासी दियारा शरण ले रखा है।

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