Tuesday, November 29, 2022
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बारिश होते ही तेज हुआ इंसेफेलाइटिस का हमला, 16 दिन में 19 बच्चों की मौत

एक जनवरी से 16 जनवरी तक 258 मरीज भर्ती हुए, 78 की मौत

जीएनएल रिपोर्टर  

गोरखपुर, 18 जुलाई। बारिश होते ही पूर्वांचल में इंसेफेलाइटिस का हमला तेज हो गया है। जुलाई माह में बीआरडी मेडिकल कालेज में 19 बच्चों की मौत हो चुकी है। इस वर्ष जनवरी से अब तक इंसेफेलाइटिस से 78 लोगों की मौत हुई है जिसमें 74 बच्चे थे।
केन्द्र और प्रदेश सरकार के लाख दावों के बावजूद पूर्वांचल में इंसेफेलाइटिस का कहर जस का तस है। इस वर्ष एक जनवरी से 16 जुलाई तक बीआरडी मेडिकल कालेज में इंसेफेलाइटिस के 258 मरीज भर्ती हुए जिसमें से 78 की मौत हो गई। इनमें 74 बच्चे थे जबकि चार वयस्क थे। पिछले पांच वर्षों के आंकड़ों का विश्लेषण करने से पता चलता है कि इंसेफेलाइटिस से होने वाली मौतों में कोई खास कमी नहीं आई है। वर्ष 2011 में जनवरी से जुलाई तक सात महीनों में इस बीमारी से 114, 2012 में 145, 2013 में 88, 2014 में 128 और 2015 में 99 लोगों की मौत हुई थी। इस वर्ष 16 जुलाई तक ही मौतों का आंकड़ा 78 पहुंच गया है। इन आंकड़ों को देखते हुए इंसेफेलाइटिस के कहर में कमी आने के सरकारी दावों की खुद ब खुद पोल खुल जाती है।
बीआरडी मेडिकल कालेज में गोरखपुर और बस्ती मंडल के सात जिलों के अलावा आजमगढ़, बलिया, गोंडा, मउ, गाजीपुर, बलरामपुर, अम्बेडकरनगर, बंदायूं से लेकर झारखंड, बिहार और नेपाल के भी मरीज भर्ती होते हैं। पिछले वर्षों की तरह इस वर्ष भी इंसेफेलाइटिस से सर्वाधिक मौतें गोरखपुर और कुशीनगर जिले से ही दर्ज की गई हैं।
वर्ष 2015 में बीआरडी मेडिकल कालेज में इंसेफेलाइटिस के कुल 1760 मरीज भर्ती हुए थे जिनमें से 445 की मौत हो ंगई। इन आंकड़ों को लेकर विवाद भी हुआ था। मेडिकल कालेज में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिन्डोम के अन्तर्गत दर्ज की जाने वाली कई बीमारियों को अलग कर करीब 500 केस कम दिखाए जाने का आरोप लगा था।
हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी इंसेफेलाइटिस के रोकथाम के लिए बयानों के अलावा कुछ खास नहीं किया गया है। अब जबकि इंसेफेलाइटिस का हमला तेज हो गया है, लोगों को जागरूक करने के लिए रैलियां आयोजित की जा रही हैं। आज ही गोरखपुर के सीएमओ की ओर से जागरूकता अभियान के लिए नुक्कड़ नाटकों की टीम चयनित करने के लिए विज्ञापन दिया गया है। ये सभी प्रयास बरसात शुरू होने के पहले कर लिए गए होते तो उसका कुछ असर पर होता।

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