Monday, January 30, 2023
Homeसमाचारमहानगर पर्यावरण मंच ने कमिश्नर को ज्ञापन देकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा...

महानगर पर्यावरण मंच ने कमिश्नर को ज्ञापन देकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा दिए गए आदेश का अनुपालन कराने को कहा

गोरखपुर, 18 अगस्त। महानगर पर्यावरण मंच ने 17 जुलाई को कमिश्नर को ज्ञापन देकर रामगढ़ ताल के सम्बन्ध में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा दिए गए आदेश का अनुपालन कराने तथा ताल क्षेत्र पर अतिक्रमण रोकने के लिए उसका सीमांकन कराने की मांग की।
कमिश्नर को दिए गए ज्ञापन में मंच ने कहा कि परियोजना को समय सीमा में पूरा न होने और ताल के स्वरूप तथा आकार में हुए परिवर्तन एवं अतिक्रमण एवं एनजीटी द्वारा दिये गये आदेशो पर कार्यवाही करने हेतु सम्बन्धित विभाग को निर्देशित करना जरूरी है। ताल क्षेत्र का सीमांकन कर इसे कार्यन्वित करने में शिथिलता के कारण ताल क्षेत्र में अतिक्रमण के प्रयास लगातार जारी है। ताल क्षेत्र का सीमांकन करके इसे तार या बैरीकेडिंग कर अथवा वृक्षारोपण करके सुरक्षित किया जाय। ज्ञापन देने वालों में डा0 शीराज़ वजीह, पी0के0लाहिड़ी, जितेन्द्र द्विवेदी, डा0 एस0एस0वर्मा, ई0 महावीर प्रसाद कंडोई, डा0 मुमताज खान एवं ए0के0 जायसवाल आदि प्रमुख थे।

मंच ने यह मांगें रखीं
1. ताल में अभी भी ठोस अपशिष्ट, पालिथीन आदि डाला जा रहा है। जिससे ताल का जल व क्षेत्र और भी प्रदूषित होता जा रहा है। इसे तुरन्त प्रभाव से रोका जाना चाहिए। प्राय इस क्षेत्र में सैर सपाटा के लिए आने वाले लोग भी ताल को खाने पीने के रैपर आदि को सीधे ताल में फेकते है जिससे ताल का प्रदूषित होना स्वाभाविक है। अतः इस सम्बन्ध में विभाग द्वारा पट्टिका आदि पर कुछ सुझाव व संदेश लिखकर जागरूक किया जाना चाहिए।

2. परियोजना में प्रस्तावित विभिन्न गतिविधियों एवं किये गये कार्यो को अंकित करते हुए एक एैसी पट्टिका लगायी जाये, जिससे नागरिको को यह पता चल सके कि कौन सी गतिविधि हेतु कौन सा क्षेत्र लिया गया है।

3.सर्किट हाउस के पास बने जेटी के पास प्रतिदिन लोग मोटर साइकिल से तेज रफ्तार से चलते है जिससे आये दिन दुर्घटना होती है और शाम के समय लोग कार से आते है और ताल क्षेत्र के किनारे शराब आदि का सेवन करते है। जिससे कानून व्यवस्था प्रभावित होती है तथा महिलाएं, बच्चे, परिवार आदि यहाॅ आने में असहज महसूस करते है। अब प्राय बड़ी संख्या में शाम के समय युवा इस क्षेत्र में सैर सपाटे हेतु पहुच रहे है अतः पुलिस की चैकसी आवश्यक है।

4.बोटिंग प्वाइन्ट के आसपास न तो पेयजल और शौचालय की व्यवस्था है और न ही कोई कूड़े दान लगाया गया है जिससे गन्दगी होना स्वाभाविक है और यही कचरा ताल में प्रवाहित हो रहा है।

5 नौका बिहार पर लाइट एवं डस्टबिन की कोई व्यवस्था नहीं है। इसी के आसपास बड़ी संख्या में ढेले आदि पर खानपान तथा भुट्टे की ब्रिकी हो रही है जिसके छिलके और खाने के रैपर आदि सड़को पर बिखर रहे है। इसे रोकना आवश्यक है।

6 नौका बिहार एवं लेख व्यू प्वाइन्ट पर सी0सी0कैमरा टी0वी की व्यवास्था कई दृष्टि से उचित होगी। यदि इस दिशा में आप के स्तर से यथोचित निर्देश किया जाय तो उचित होगा।

7 रामगढ़ ताल संरक्षण परियोजना में महानगर वासियों की भागीदारी बेहतर बनाये जाने की आवश्यकता है। अच्छा होगा यदि आप की अघ्यक्षता में प्रत्येक दो माह पर महानगर पर्यावरण मंच एवं महानगर वासियों के साथ बैठक हो सके जिस में इस विषय पर विचार-विमर्श हो सके।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments