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एम्स और खाद कारखाने को निजी स्वार्थ की बलि चढ़ाने का आरोप लगाया
कहा -योगी ने दो वर्ष से मेरे राजनीतिक व सामाजिक विकास को रोकने का प्रयास किया
मुलायम, अखिलेश और शिवपाल की तारीफ की, कई विकास कार्य कराने का दावा किया
राज्य सभा में अन्तरात्मा की आवाज पर वोट देने की बात कही
गोरखपुर, 13 जून। भाजपा के निलम्बित विधायक विजय बहादुर यादव आज गोरखपुर के सांसद योगी आदित्यनाथ पर जम कर बरसे और उन पर पार्टी से निकलवाने का आरोप लगाया। श्री यादव ने आरोप लगाया कि योगी आदित्यनाथ अपने मेडिकल इंस्टीट्यूट के लिए एम्स और खाद कारखाने दोनों को स्थापित नहीं होने देना चाहते हैं।
आज एक पत्रकार वार्ता में गोरखपुर ग्रामीण सीट के विधायक विजय बहादुर यादव ने भाजपा से अपने निलम्बन को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और योगी आदित्यनाथ का नाम लिए बिना कहा कि उन्होंने व्यक्ति विशेष को गोरखपुर ग्रामीण सीट से चुनाव लड़ाने के लिए यह कार्रवाई कराई है। उनका इशारा गोरखपुर ग्रामीण सीट से कौड़ीराम के ब्लाक प्रमुख विपिन सिंह को भाजपा से चुनाव लड़ाने की ओर था। पत्रकार वार्ता में भाजपा के निलम्बित विधायक ने कहा कि मानबेला रैली से लेकर लोकसभा चुनाव तक उन्होंने पार्टी के दायित्व का इमानदारी से निर्वहन किया लेकिन योगी आदित्यनाथ ने दो वर्ष से मेरे राजनीतिक व सामाजिक विकास को रोकने का प्रयास किया। उन्होंने आरोप लगाया कि योगी आदित्यनाथ निजी मेडिकल कालेज बनवा रहे हैं जिसके खातिर वह यहां एम्स नहीं बनने देना चाहते। वह खाद कारखाने को भी नहीं चलने देना चाहते क्योंकि उनका मेडिकल कालेज खाद कारखाने से होने वाले प्रदूषण के दायरे में आ जाएगा। विधायक ने आरोप लगाया कि योगी आदित्यनाथ ने एम्स की राह में रोड़ा खड़ा करने के लिए ही एम्स की जमीन को लेकर मुकदमा कराया। जिसने मुकदमा किया वह उनका बेहद नजदीकी है। वह चाहे तो मुकदमा हट सकता है लेकिन अपने निजी स्वार्थ में ऐसा नहीं कर रहे हैं। उन्होंने गोरखपुर के सांसद पर निजी स्वार्थ को हमेशा उपर रखने का आरोप लगाया।
विधायक ने सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और काबीना मंत्री शिवपाल यादव के तारीफों के पुल बांधे और कहा कि तीनों नेताओं की मदद से उन्होंने सूरजकुंड ओवरब्रिज का रूका काम शुरू कराया। इसके साथ ही कालेसर से गीडा, नौसढ़ होते हुए पैडलेगंज की सड़क को फोर लेन कराया। उन्होंने बीआरडी मेडिकल कालेज के उच्चीकरण और मदन मोहन मालवीय इंजीनियंरिंग कालेज को यूनिवर्सिटी बनाने के लिए भी अपनी भूमिका का उल्लेख किया। राज्यसभा में वोट देने के सवाल पर उनका कहना था कि उन्होंने अन्तरात्मा की आवाज पर अच्छे व्यक्तित्व के धनी व्यक्ति को वोट दिया।
उल्लेखनीय है कि विजय बहादुर यादव वर्ष 2007 में भाजपा के टिकट पर पहली बार गोरखपुर ग्रामीण से विधायक हुए थे। उन्हें राजनीति में योगी आदित्यनाथ की सरपरस्ती हासिल थी। वर्ष 2012 में वह दुबारा जीते लेकिन लोकसभा चुनाव के बाद उनकी योगी से खटक गई। उन पर लोकसभा चुनाव में ताकत के साथ योगी के प्रचार में नहीं लगने का आरोप लगा। इसके बाद वह सपा के नजदीक आ गए और गोरखपुर में उनकी हैसियत मिनी मुख्यमंत्री की हो गई। भाजपा में रहते हुए भी वह सपा नेताओं के साथ कार्यक्रमों में जाते रहे। जिला पंचायत चुनाव में उन्होंने सपा हाईकमान से अपने भाई अजय बहादुर यादव को अध्यक्ष पद का प्रत्याशी बनाने की मांग की लेकिन सपा ने सपा नेता मनुरोजन यादव की पत्नी गीताजंलि यादव के टिकट दे दिया। इस पर विजय ने सपा से भी बगावत कर दी और भाई को चुनाव लड़ा दिया। चुनाव हारने के बाद वह अलग-थलग पड़ गए थे लेकिन विधान परिषद व राज्य सभा चुनाव में सपा उम्मीदवारों को वोट देकर वह फिर से सपा हाईकमान के नजदीक हो गए हैं। उम्मीद की जा रही है कि सपा उन्हें गोरखपुर ग्रामीण सीट से टिकट देगी।

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