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देवरिया में 125 घरों में डेंगू के लार्वा नष्ट किए गए  

देवरिया। जिले में डेंगू रोकथाम के लिए कस्बों में बनी 13 ब्रीडिंग चेकर टीम और ग्रामीण इलाकों में 2610 आशा कार्यकर्ताओं की टीम ऐसे स्थलों से लार्वा खोजकर नष्ट कर रहीं जहां आमतौर पर लोगों को यकीन करना मुश्किल है कि यहां भी पनपने की आशंका हो सकती है। दोनों टीम द्वारा अब तक 29336 घरों में दस्तक देते हुए घरेलू लार्वा की जानकारी इकट्ठा कर 125 घरों डेंगू के लार्वा को नष्ट किया और बचाव के लिए लोगों को प्रेरित किया।
डेंगू रोग प्रभारी व सहायक मलेरिया अधिकारी सुधाकर मणि ने बताया शहरी क्षेत्र के देवरिया, बरहज क़स्बा, सलेमपुर क़स्बा, भाटपाररानी क़स्बा, रुद्रपर, रामपुरकारख़ाना और भटनी कस्बे में ब्रीडिंग चेकर्स दस्ते को और ग्रामीण इलाको में आशा कार्यकर्ताओं को अभियान में लगाया गया है। उन्होंने बताया कि दस्ते का पहला उद्देश्य है सोर्स रिडक्शन अर्थात डेंगू के मच्छर का प्रजनन रोकना ताकि रोग का फैलाव रोका जा सके। इसके लिए टीम ने आस पास के सभी घरों में दस्तक दी और घर का हर वह कोना खंगाला जहाँ भी डेंगू के लार्वा होने की संभावना होती है।
ब्रीडिंग चेकर्स घर घर जाकर साफ पानी की टंकियां,छतों में पड़े खाली मटके और बर्नियां, टायर, बोतलें , बाल्टियां कूलर आदि में जमा पानी की जांच करते हैं। जमा हुए पानी में लार्वा की मौजदूगी की जांच की जाती है। फिर उस पानी में टेमीफास दवा मिला दी जाती है ताकि लार्वा नष्ट हो जाए। साथ ही घर में चारों तरफ मच्छर नाशक दवा का छिड़काव किया जाता है। ब्रीडिंग चेकर्स के 4 दस्ते हर सुबह घर घर जाकर इस काम को कर रहे हैं। इससे बचाव के लिए दस्ता सप्ताह के पांच दिन घर-घर दस्तक दे रहा है। इसके आलावा घरेलू लार्वा की जानकारी इकट्ठा करने के लिए आशाएं बुधवार व शनिवार को आयोजित होने वाले ग्राम्य स्वास्थ्य पोषण दिवस (वीएचएनडी) सत्र के दौरान लोगों को घर से बुलाते समय घरों में लार्वा जांच कर रही हैं। इसके लिए उन्हें सप्ताह भर में दस घरों तक ही जाने का लक्ष्य दिया गया है।
 खाली पड़े मकान हैं डेंगू मच्छर का ठिकाना
अभियान में शामिल मलेरिया निरीक्षक  सीपी सिंह बताते हैं वर्षों से बंद पड़े सूने मकान इस अभियान में बड़ी चुनौती बनकर उभरे हैं।  इन बंद घरों में अंधेरे कोनों, झाड़ियों पानी की टंकियों में डेंगू के मच्छर के पनपने लिए अनुकूल वातावरण होता है। इसलिए उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि अगर उनका का किसी परिचित का मकान वर्षों से खाली हैं तो घर की साफ सफाई करा लें। इन मकानों में अनिवार्य रूप से नल कनेक्शन कटवा लें ताकि पानी जमा न हो सके।
बारिश के बाद रखें सावधानी
बारिश के बाद अक्सर पुराने मटकों टायरों, आसपास के गड्ढों,कंस्ट्रक्शन साइट्स में पानी जमा ही जाता है । लार्वा को पनपने से रोकने के लिए जला हुआ तेल या टेमीफास दवाई डालें। डॉ. मंडल ने बताया कि आने वाले 2-3 महीनों में सजग रहना जरूरी है। रुक रुक कर हो रही बारिश भी एक चुनौती है। बारिश से दवा बह जाती है। इसलिए बारिश के बाद फिर से मेलाथियान और टेमीफास का छिड़काव जरूरी है।

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