स्वास्थ्य

‘ ई-संजीवनी ओपीडी ’ एप के जरिए देवरिया में 189 लोगों ने घर बैठे प्राप्त किया स्वास्थ्य परामर्श

देवरिया। कोरोना वायरस से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से सामान्य मरीजों को अस्पताल की बजाय घर बैठे ही चिकित्सकीय परामर्श मिलेगा। इसके लिए शासन ने सी-डैक की सहायता से ‘ई-संजीवनी ओपीडी’ नाम से एप तैयार किया है। इस पर मरीज टेलीमेडिसिन की सुविधा की तरह समस्या बताकर ई-ओपीडी की तर्ज पर उपचार पाने लगे हैं।

अब तक जिले में इस एप के माध्यम से 189 लोगों ने सेवा प्राप्त की है।
एप के जरिए मरीज संबंधित चिकित्सक से वीडियो कॉल पर भी परामर्श ले सकते हैं कोरोना काल में लोग अस्पताल जाकर ओपीडी में सेवाएं लेने में कम रुचि दिखा रहे हैं। एप की मदद से ऐसे लोग भी इलाज करा सकते हैं। गूगल प्ले स्टोर पर एप निःशुल्क उपलब्ध है।
सिनही निवासी मनोज दुबे ने बताया एक सप्ताह पूर्व वह बुखार  और दर्द से पीड़ित थे। ई-संजीवनी ओपीडी ऍप के माध्यम से डाक्टर से परामर्श किया और अपनी समस्या बताया। एप के माध्यम से मोबाईल पर ही दवाओं की पर्ची उपलब्ध हो गई। पर्ची  दिखाकर मेडिकल स्टोर से दवा लिया और पर्ची पर लिखे खुराक के हिसाब से उसका सेवन किया। मनोज ने बताया  ई-संजीवनी ओपीडी एप के माध्यम अब मरीजों के दौड़भाग का झंझट खत्म हो गया है। घर बैठे ही डॉक्टर से सीधे  वीडियोकॉल कर परामर्श मिल रहा है।
सीएमओ डॉ. आलोक कुमार पांडेय का कहना है  कि ई-संजीवनी एप पर मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श देने के लिए अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) के चिकित्सकों को पंजीकृत किया गया है। एप पर निर्बाध परामर्श देने के लिए चिकित्सकों के पास कंप्यूटर व इंटरनेट सेवा दी गई है। जिनके पास ये दोनों चीजें उपलब्ध नहीं है, उन्हें इसे उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर कंप्यूटर और इंटरनेट की सुविधा मुहैया करायी  जा रही  है। ई-संजीवनी ओपीडी एप पर जनरल ओपीडी सोमवार से शनिवार तक रोजाना सुबह 9 बजे से सायं 4 बजे तक उपलब्ध है। जबकि बाल रोग विशेषज्ञ, पल्मोनरी, हड्डी रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ और मनोरोग विशेषज्ञ की ओपीडी के लिए सोमवार से शनिवार तक दोपहर 2 से 4 सायं तक का समय निर्धारित है। अब तक जिले में इस एप के माध्यम से 189 लोगों ने सेवा प्राप्त की है।
एप पर कराना होगा पंजीकरण
नोडल अधिकारी व एसीएमओ डॉ. बीपी सिंह का कहना है कि  एप डाउनलोड करने के बाद डॉक्टर का परामर्श पाने के लिए मरीज को चार चरण का पालन करना होगा। पहले चरण में मरीज को पंजीकरण कराने के बाद दूसरे चरण में टोकन जनरेट करना होगा। तीसरे चरण में मरीज लॉग इन करने के बाद चौथे चरण में परामर्श  प्राप्त कर सकेंगे।
स्मार्टफोन न रखने वाले भी ले सकेंगे परामर्श
डीसीपीएम राजेश गुप्ता का कहना है कि  ग्रामीण क्षेत्रों में या फिर जो लोग स्मार्टफोन का उपयोग नही करते हैं वह हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर कार्यरत कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर व एएनएम के जरिए टैबलेट्स का उपयोग कर ई-संजीवनी ओपीडी के तहत चिकित्सकीय परामर्श ले सकेंगे। अब तक जिले के 61 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर व एएनएम के जरिए यह सेवा उपलब्ध कराइ गई है।

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