राज्य

225 मदरसों ने मदरसा शिक्षा परिषद के पोर्टल पर जानकारी दी

10 नवम्बर तक पता चलेगा किन मदरसों की मान्यता रहेगी और किन की होगी रद

सैयद फरहान अहमद
गोरखपुर, 18 अक्टूबर। मदरसा शिक्षा परिषद के पोर्टल madarsaboard.upsdc. gov. in  पर शहर के 225 मदरसों ने रजिस्ट्रेशन करा पूर्ण विवरण अपलोड कर लॉक करा दिया है। दिवाली बाद इन मदरसों की जांच ‘गठित कमेटी’ द्वारा की जायेगी। मानक पर खरा न उतरने वाले मदरसों की मान्यता रद कर दी जायेगी।

20 अक्टूबर  तक मदरसों द्वारा आपत्तियों के सबंध में अपना प्रत्यावेदन प्रस्तुत किये जाने की तिथि निर्धारित की गई हैं। वहीं 30 अक्टूबर तक जनपदीय अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी द्वारा परीक्षणोपरांत मदरसों का अग्रसारित डाटा डिजटलीय हस्ताक्षर कर रजिस्ट्रार की मेल  आईडी पर अग्रसारित किया जाना हैं। 5 नवम्बर तक मदरसों द्वारा आपत्तियों के क्रम में रजिस्ट्रार/निदेशक को अपना प्रत्यावेदन प्रस्तुत किया जाना हैं वहीं प्राप्त डाटा को रजिस्ट्रार/निदेशक स्तर पर फाइनल लॉक किए जाने की डेडलाइन 10 नवम्बर तक निर्धारित की गयी हैं। गोरखपुर में मात्र 10 अनुदानित मदरसे हैं।

पोर्टल के जरिए ही राज्य सरकार द्वारा अनुदानित मदरसों के शिक्षकों / कर्मचारियों का वेतन भुगतान किया जायेगा तथा आधुनिकीकरण / मिनी आई0टी0आई0 योजनान्तर्गत शिक्षक / कर्मचारीयो को भी मानदेय का भुगतान किया जायेगा। पोर्टल के माध्यम से ही परिषद की मुंशी /  मौलवी/ आलिम / कामिल एवं फाजिल स्तर की 2018 की परीक्षा सम्पन्न करायी जायेगी।

प्रदेश में तहतानियां, फौकानियां, आलिया और उच्च आलिया स्तर के मदरसों की कुल संख्या 19,143  है। सरकार केवल 560 मदरसों को ही अनुदान देती है, जबकि प्रदेश स्तर पर संचालित मदरसों की संख्या 19 हजार से ज्यादा है।  प्रदेश में 16441 मदरसों ने पोर्टल पर डॉटा लॉक कराया है। केंद्र सरकार की मदरसा आधुनिकीकरण योजना से प्रदेश के करीब 8171 मदरसे आच्छादित है। वहीं 124 मदरसों में प्रदेश सरकार की मिनी आईटीआई योजना संचालित है।
अन्य मदरसों की संख्या 7600 के करीब है। करीब 2600 के मदरसों ने  डॉटा अपलोड नहीं किया है। ऐसे में डॉटा नहीं देने वाले मदरसों की मान्यता रद होगी। गोरखपुर में डाटा अपलोड न कराने वाले मदरसों की संख्या न के बराबर है.

सरकार का दावा है कि वेबपोर्टल पर आने वाली जानकारियों के बाद सभी तरह के डेटा में डुप्लीकेसी रुक जाएगी। फर्जी मदरसा शिक्षकों को तो चिह्नित कर ही लिया जाएगा। इसके अलावा फर्जी स्कॉलरशिप का खेल भी इससे रुकेगा। मदरसा पोर्टल पर पंजीकरण से पता चल जाएगा कि कितनी संख्या में छात्र पढ़ रहे हैं और कितनों को स्कॉलरशिप जानी है।  इससे पारदर्शिता आएगी और मदरसों की शिक्षा में गुणवत्ता भी लाई जा सकेगी। सरकार की योजना है कि इसके बाद इन मदरसों की लोकेशन गूगल पर अपलोड कर दी जाएगी ताकि लोग मदरसों को खोज सकें।
इस समय केंद्र सरकार द्वारा मदरसा आधुनिकीकरण योजना से संचालित मदरसों की जांच चल रही है।

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