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कालाजार से प्रभावित गांवों में छिड़काव कार्य शुरू

देवरिया. जिले छह ब्लाकों के 29 कालाजार प्रभावित गांवों में कालाजार के वाहक बालू मक्खी से बचाव के लिए दवा छिड़काव शुरू कर दिया गया है। सोमवार को जिले के पथरदेवा, बनकटा, भाटपाररानी ब्लॉक में अल्फ़ा साईपर मेथरीन 5% दवा का छिड़काव शुरू किया गया।

छिड़काव अभियान में लगे सहायक मलेरिया अधिकारी सीपी मिश्रा  ने बताया कि चिह्नित गांवों में छिड़काव व निरोधात्मक कार्य लगातार जारी है। वेक्टर जनित रोग नियंत्रण हेतु अल्फ़ा साईपर मेथरीन 5 % दवा का छिड़काव कराया जा रहा। कालाजार दवा छिड़काव में 10 टीम में 60 कर्मी लगाए गए हैं। अभियान में संबंधित क्षेत्र की आशा एवं एएनएम सहयोग करेंगी। इस संबंध में सभी को प्रशिक्षण दिया गया है।

जिले के बनकटा, भाटपाररानी, पथरदेवा, बैतालपुर, भलुअनी और भटनी ब्लाक के 29 कालाजार प्रभावित गांवों में छिड़काव कार्य कराया जायेगा जो जून तक चलेगा। सोमवार को पथरदेवा के धुसवा गांव, बनकटा के मिश्रोली गांव और भाटपाररानी के परोह गांव में छिड़काव कार्य कराया गया है।

उन्होंने बताया कि कालाजार रोग बालु मक्खी के काटने से होता है। बालू मक्खी को जड़ से समाप्त करने हेतु ही दवा का छिड़काव किया जा रहा है। बालू मक्खी जमीन से छह फीट की ऊंचाई तक उड़ सकता हैं। इसलिए छिड़काव घर के अंदर तथा बाहर छह फीट तक कराना है। छिड़काव के बाद तीन माह तक घर में लीपापोती नहीं करनी चाहिए। छिड़काव कार्य के दौरान वीबीडी परामर्शदाता डॉ एसके पांडेय, पाथ के डॉ ज्ञान, ब्लाक प्रमोटर बलबीर सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

कालाजार रोगियों में हो रहा इजाफा 

पिछले पांच वर्ष के आकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2014 में 2, 2015 में 4, 2016  में 11,  2017 में 29,  2018 में 41, वही 2019 तक 42 मरीज व वर्ष 2020 में  अब तक 9 कालाजार के मिले हैं, जिनका इलाज कराया गया। रोगियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सतर्क है।

 क्या है कालाजार

वेक्टर वार्न डिजीज विशेषज्ञ डॉ एसके पांडेय ने बताया कि कालाजार बालू मक्खी से फैलने वाली बीमारी है। ये मक्खी नमी वाले स्थानों पर अंधेरे में पाई जाती है। यह तीन से चार फीट ही उड़ पाती है। इसके काटने के बाद मरीज बीमार हो जाता है। उसे बुखार होता है और रुक-रुक कर बुखार चढ़ता-उतरता है। लक्षण दिखने पर मरीज को चिकित्सक को दिखाना चाहिए। इस बीमारी में मरीज का पेट फूल जाता है। भूख कम लगती है। शरीर काला पड़ जाता है।

घर में करें छिड़काव

सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय ने लोगों से अपील की है कि बालू मक्खी से बचाव के लिए घर में छिड़काव करवाना चाहिए, जिससे मक्खियां मर जाए। उन्होंने सोशल डिस्टेंशिंग का को ध्यान रखते हुए छिड़काव कार्य करवाने का निर्देश दिया है।

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