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जेएचवी शुगर मिल पर कर्मचारियों पीएफ, वेतन, एरियर, बोनस का 18 करोड़ बकाया, क्षुब्ध कर्मचारी धरने पर बैठे

महराजगंज। जेएचवी शुगर मिल गड़ौरा पर चीनी मिल कर्मचारियों का वेतन, पीएफ, ओवर टाइम, एरियर, बोनस, रिटेनिंग आदि के मद में करीब 18 करोड़ बकाया है। चीनी मिल ने नौ वर्ष से कर्मचारियों के पीएफ का पैसा जमा नहीं किया है। कर्मचारियों द्वारा अपना बकाया मांगने पर चीनी मिल प्रबंधन ने मनमाने तरीके से 15 फरवरी से ले आफ की घोषणा कर दी गई। क्षुब्ध कर्मचारी 16 फरवरी से चीनी मिल गेट पर धरना दे रहे हैं।

चीनी मिल कर्मचारियों ने गेट पर अपना ताला भी लगा दिया था जिसे रात में प्रबंधन ने तोड़ कर अपना ताला लगा दिया। इससे कर्मचारियों में आक्रोश और बढ़ गया है।

चीनी मिल में लगभग चार दर्जन स्थायी कर्मचारी काम करते हैं। पिछले दो वर्ष से चीनी मिल बंद थी क्योंकि किसानों का बकाया भुगतान न करने के कारण सरकार ने उसे गन्ना आवंटित नहीं किया। इस वर्ष चीनी मिल को 18.26 लाख क्विंटल गन्ना आवंटित किया गया लेकिन गन्ना मूल्य के भुगतान में देरी के कारण किसानों ने इसे गन्ना नहीं दिया। चीनी मिल इस सत्र में सिर्फ 53 दिन तक ही चली और 29 जनवरी को बंद हो गई। इस दौरान उसने 8.29 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की। इस अवधि में चीनी मिल ने 26 करोड़ का गन्ना पेरा ने भुगतान एक पाई का नहीं किया। चीनी मिल अभी पिछले वर्ष का बकाया भुगतान कर रही है। चीनी मिल पर पिछले वर्ष का 12.50 करोड़ रूपए गन्ना मूल्य बकाया था जिसमें से उसने अभी साढे आठ करोड़ का भुगतान किया है।

 

पूर्वांचल चीनी मिल मजदूर यूनियन के अध्यक्ष नवल किशोर मिश्र ने बताया कि 15 फरवरी को चीनी मिल प्रबंधन ने ले आफ की घोषणा कर दी। यह ले आफ मनमाने तौर पर किया गया और इसके लिए श्रमायुक्त से मंजूरी भी नहीं ली गई है। यही नहीं मनमाने तौर पर कुछ कर्मचारियों को ड्यूटी के लिए बुलाया भी जा रहा है।

उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष 23 जनवरी से 27 अक्टूबर तक ले आफ घोषित किया गया था लेकिन इस अवधि का आधा वेतन अभी तक भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद सभी कर्मचारियों को काम पर बुलाया गया लेकिन इस अवधि का भी वेतन नहीं देकर दुबारा ले आफ घोषित कर दिया गया।

श्री मिश्र ने बताया कि चीनी मिल पर कर्मचारियों का लगभग 18 करोड़ रूपया बकाया है। चीनी मिल प्रबंधन ने नौ वर्ष से पीएफ का पैसा जमा नहीं किया है। उसने न तो अपना अंशदान दिया है न कर्मचारियों का। इसके अलावा दो वर्ष का बोनस, तीन वर्ष का ओवर टाइम, 18 महीने का वेतन, सीजनल कर्मचारियों का चार वर्ष का रिटेनिंग और वेतन वृद्धि का एरियर का भुगतान उसने रोक रखा है। हाईकोर्ट के आदेश पर चीनी मिल प्रबंधन से एरियर व रिटेनिंग का 2.57 करोड़ रूपए की रिकवरी का भी आदेश हुआ है लेकिन जिला प्रशासन रिकवरी की रकम वसूलने में रूचि नहीं दिखा रहा है।

उन्होंने कहा कि मनमाने तरीके से ले आफ घोषित करने और कर्मचारियेां के बकाए का भुगतान नहीं किए जाने पर कर्मचारियों ने 16 फरवरी से चीनी मिल गेट पर धरना शुरू किया है जो अब तक जारी है। यह अनिश्चित कालीन धरना लगातार चलता रहेगा। एक दिन पहले हम लोगों ने चीनी मिल गेट पर अपना ताला लगा दिया था लेकिन प्रबंधन ने प्रशासन के सहयोग से हमारा ताला तोड़ अपना ताला लगा लिया है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी सोमवार को जिलाधिकारी से मिलकर अपनी बात रखेंगे। यदि हमारी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज होगा।

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गोरखपुर न्यूज़ लाइन

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