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कांग्रेस की नदी अधिकार यात्रा शुरू, प्रयागराज के बसवार से बलिया के माझी घाट तक चलेगी यात्रा

प्रयागराज।  उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ द्वारा आज से प्रयागराज के बसवार गांव से नदी अधिकार यात्रा शुरू हुई। यह यात्रा लगभग 400 किलोमीटर की दूरी तय करके बलिया के माझी घाट पर समाप्त होगी। बसवार से यह यात्रा निषाद बाहुल्य गांवों से होते हुए मवैया पंहुचेगी और वहां पर रात्रि विश्राम और ग्रामीणों से चर्चा होगी।

प्रयागराज के बसवार में  पुलिस द्वारा दो दर्जन नावों को क्षतिग्रस्त  करने और निषाद समुदाय के उत्पीड़न के खिलाफ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी पीड़ितों से मुलाकात करने प्रयागराज आयीं थीं। महासचिव ने पीड़ितों की आर्थिक मदद के साथ साथ उनके हर मुद्दे पर लड़ाई लड़ने की प्रतिबद्धता जाहिर की।

यात्रा में शामिल होने आए छत्तीसगढ़ के कांग्रेस विधायक कुँवर सिंह निषाद ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की प्रतिबद्धता निषाद समाज के साथ है। हर मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी लड़ाई लड़ने को वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ ने निषाद समाज को ठगा और छला है। इस सरकार में निषाद समाज को ना ही उचित प्रतिनिधित्व मिला और ना ही सम्मान। मुख्यमंत्री सिर्फ अतिपिछड़ा समाज के साथ धोखाधड़ी कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अति पिछड़े समाज को कैसे सम्मान और प्रतिनिधित्व दिया जाता है यह उनको छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार से सीखना चाहिए। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मछुआरा समाज की मांग पर विलासपुर एयरपोर्ट का नाम बिलासा देवी केवट कर दिया है।

यात्रा को शुरू करते हुए कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य तथा पूर्व राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी निषाद समाज के एक एक हक़ और अधिकार के लड़ाई लड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। यह यात्रा प्रयागराज से बलिया तक करीब 400 किलोमीटर चलेगी। गंगा किनारे जितने भी गांव है उनके बीच पदयात्री जाकर निषाद समाज की आवाज़ बुलंद करेंगे। साथ ही साथ नदी अधिकार पत्र भी भरवाए जाएंगे।

यूपी कांग्रेस के महासचिव मकसूद खान ने कहा कि भाजपा निषाद समुदाय की नदियों के सहारे चलने वाली उनकी आजीविका को हड़प रही है जिसके खिलाफ़ सड़क से सदन तक पार्टी संघर्ष करेगी।

प्रदेश सचिव देवेंद्र निषाद ने कहा कि प्रयागराज के बसवार गांव में 4 फरवरी को भाजपा सरकार के संरक्षण में निषाद समाज के लोगों के ऊपर पुलिसिया हमला हुआ। दर्जनों नाव तोड़ी गयी। समाज की महिलाओं पर पुरुष पुलिसकर्मियों ने लाठियां बरसाई, गालियां दीं। गांव में दहशत फैलाने के लिए कुत्तों का झुंड घुमाया। गांव के लोगों पर संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। बसवार की घटना इकलौती नहीं है। गोरखपुर, वाराणसी समेत कई उदाहरण हैं जहां सत्ता में बैठे लोगों ने समाज का उत्पीड़न किया। निषाद समाज का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और 2022 में करार जबाब निषाद समाज देगा। उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष ललितेश पति त्रिपाठी ने निषाद समुदाय पर दर्ज फर्जी मुकदमे तत्काल वापस लेने की मांग करते हुए कहा है कि भाजपा सरकार जिस तरह से निषादों पर अत्याचार कर रही है उसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।

पिछड़ा वर्ग के अध्यक्ष मनोज यादव ने कहा कि अतिपिछड़ों को सरकार ने सिर्फ ठगा है। उनके हक पर सरकार ने डकैती डाली है। चाहे आरक्षण का सवाल हो, बच्चों के छात्रवृत्ति का सवाल हो, नौकरियों में प्रतिनिधित्व का सवाल हो समाज के साथ दगाबाजी की गई है।

पदयात्रा में निषाद समाज के सैकड़ो लोग शामिल हुए और प्रदेश की 51 नदियों का जल अरैल घाट पर प्रवाहित किया गया। निषाद समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि वे अपने अपने जिलों से नदियों का जल लेकर आएं हैं जिन्हें नदी अधिकार यात्रा में संगम पर प्रवाहित करके निषाद समाज ने अपनी एकजुटता जाहिर की।

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गोरखपुर न्यूज़ लाइन

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