Monday, December 5, 2022
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बाबर हत्याकांड: दो और पुलिस कर्मी लाइन हाजिर, परिजनों को दो लाख की आर्थिक सहायता

कुशीनगर। रामकोला थाना क्षेत्र के कठघरही गांव में भाजपा समर्थक बाबर की हत्या के मामले में लापरवाही के आरोप में दो और पुलिस कर्मियों- बीट उपनिरीक्षक और बीट पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही करते हुए उन्हें लाइन हाजिर कर दिया गया है। इसके पहले रामकोला के थानेदार को लाइन हाजिर किया गया था। प्रदेश सरकार की ओर से बाबर के परिजनों को दो लाख रूपए की आर्थिक सहायता दी गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार की रात बाबर की मां और पत्नी से बातचीत की और उन्हें ढांढस बंधाया।

कठघरही गांव निवासी 25 वर्षीय बाबर पर उनके पड़ोस में रहने वाले कुछ लोगों ने 20 मार्च को जानलेवा हमला किया था। बुरी तरह घायल बाबर को पहले रामकोला सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र और फिर जिला अस्पताल ले जाया गया। जिला अस्पताल से उन्हें बीआरडी मेडिकल कालेज रेफर कर दिया गया। स्थिति गंभीर होने पर वहाँ से उन्हें लखनऊ स्थित एसजीपीजीआई भेजा गया लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनकी 25 मार्च को मौत हो गयी।

गांव में शव आने पर कुशीनगर के विधायक पीएन पाठक बाबर के जनाजे में शामिल हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा समर्थक होने के कारण बाबर की पीट-पीट कर हत्या की गई।

बाबर अली की पत्नी फातिमा खातून ने घटना के सम्बन्ध में जो तहरीर थाने में दी उसमें कहा गया है कि ‘ उनके पति ने विधान सभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी पीएन पाठक का प्रचार प्रसार किया और उनको वोट दिया। उनके विजयी होने पर पटाखे छोड़े और मिठाई बांटी। यह बात हमारे समाज को अच्छा नहीं लग रहा था और इसका बदला लेने के फिराक में थे। मौके का फायदा उठाकर 20 मार्च की शाम 6.30 बजे अजीमुल्लाह, आरिफ, ताहिद और सलमा टांगी लेकर आए और मेरे पति पर हमला बोल दिए। मेरे पति जान बचाकर किसी तरह भागे और छत पर चढ गए। हमलावर ईंट पत्थर मारते हुए छत पर चढ गए और मेरे पति को छत से नीचे फेंक दिया। उन्हें गंभीर चोटें आयीं। ’

फातिमा की तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया है कि हमलावरों ने मारपीट के समय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ नारे भी लगाए।

रामकोला पुलिस ने फातिमा की तहरीर पर 21 मार्च को अजीमुल्लाह, आरिफ, सलमा और ताहिद के खिलाफ धारा 323, 504, 452, 336 और 308 के अन्तर्गत एफआईआर दर्ज कर ली।

पुलिस ने एफआईआर जरूर दर्ज कर ली लेकिन उसने आरोपियों की गिरफतारी नहीं की। बाबर की मौत के बाद पुलिस सक्रिय हुई और पहले दो आरोपियों-ताहिद और आरिफ फिर बाद में सलमा व अजीमुल्लाह को गिरफ्तार कर लिया।

कुशीनगर पुलिस ने 28 मार्च को जारी बयान में कहा कि ‘ अपर जिलाधिकारी और अपर पुलिस अधीक्षक की संयुक्त जांच में पाया गया है कि माह फरवरी में भी इनके बीच नाली आदि को लेकर विवाद हुआ था जिसमें 151, 107, 116 सीआरपीसी की कार्यवाही हुई थी। ’

कुशीनगर के पुलिस कप्तान ने इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में रामकोला के एसओ दुर्गेश कुमार सिंह को लाइन हाजिर कर दिया। एक दिन बाद 29 मार्च को दो और पुलिस कर्मियों -बीट उपनिरीक्षक और बीट पुलिस अधिकारी को लाइन हाजिर कर दिया गया।

पुलिस उपमहानिरीक्षक रवीन्द्र के गौड़ ने 28 मार्च को कठघरही का दौरा कर घटना की जानकारी ली और बाबर के परिजनों से मुलाकत की। बुधवार को प्रदेश सरकार द्वारा घोषित दो लाख की आर्थिक सहायता बाबर के परिजनों को दे दी गई। यह सहायता राशि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से दी गई है। कुशीनगर के सांसद विजय दुबे के प्रतिनिधि एवं खड्डा के ब्लाक प्रमुख शशांक दुबे ने 29 मार्च को कठघरही जाकर बाबर के परिजनों को आर्थिक सहायता प्रदान की।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार की रात बाबर की मां जैबुननिशां और पत्नी फातिमा से बातचीत की और उन्हें ढांढस बंधाया।

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