Saturday, August 13, 2022
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जनवरी 2019 में चंद्रयान 2 मिशन : इसरो चेयरमैन

गोरखपुर. इसरो के चेयरमैन के. सिवान ने कहा है कि जून 2017 में gsat-19 का प्रक्षेपण किया है. इस वर्ष इसरो gsat-11 gsat-19 का प्रक्षेपण करेगा. यह सब सेटेलाइट के माध्यम से किया जाएगा जिससे हमें 100 gbps से अधिक की डेटा स्पीड मिलेगी. जनवरी 2019 में चंद्रयान 2 मिशन प्रस्तावित है. हम जानते हैं कि 50% से अधिक चंद्र मिशन असफल हो चुके हैं लेकिन फिर भी हम खतरा उठाएंगे.  प्रक्षेपण का स्थान 70 डिग्री अक्षांश होगा जहां इससे पहले कोई नहीं किया है .

श्री के. सिवन दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के 37 वें दीक्षांत समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि उपग्रहों के प्रक्षेपण का काम अत्यंत जोखिम भरा है. अगर आप अंतरिक्ष उद्योग में एक बड़ा खिलाड़ी बनना चाहते हैं तो इसके लिए आप को अनिवार्य रूप से कुछ नया करने का खतरा उठाना होगा.

इसरो के चेयरमैन  ने कहा कि 29 मार्च 2018 को पी एस एल वी का प्रक्षेपण विफल हो गया  लेकिन 12 अप्रैल 2018 को उसी का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया गया. आज भारत दूसरे नंबर का एक ऐसा देश है जहां पर इंटरनेट का प्रयोग सबसे ज्यादा होता है लेकिन रफ्तार के मामले में हम दुनिया में 6 नंबर पर हैं.

उन्होंने कहा कि हमने जुलाई 2018 में चालक दल बचाव प्रणाली विकसित किया है. कुछ लोगों को याद होगा कि 11 अक्टूबर 2018 को सोयूज राकेट के असफल होने के दौरान चालक दल बचाव प्रणाली ने अंतरिक्ष यात्रियों के जीवन की रक्षा की थी .

उन्होंने कहा कि सदी के पिछले 50 वर्षों में तमाम विकास के बावजूद हमारे पास अभी कुछ समस्याएं हैं जिनका समाधान नहीं हो पाया है. जैसे भूख और गरीबी, अच्छा स्वास्थ्य व स्वच्छता ,पीने योग्य स्वच्छ पानी, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुव्यवस्थित रोजगार के अवसर, कृषक वर्ग के आय में बढ़ोतरी ,स्वच्छ ऊर्जा व स्वच्छ पर्यावरण आदि.  इसरो ने त्वरित क्षमता निर्माण कार्यक्रम कार्यालय की स्थापना की है ताकि अंतरिक्ष के क्षेत्र में शिक्षा और उद्योग दोनों में भागीदारी की जा सके. इसका उपाय यह है कि पूरे देश में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी से संबंधित शोध की गतिविधियों को देखा जाए.

मेरा विचार है राष्ट्र के विकास के लिए विज्ञान प्रौद्योगिकी आवश्यक है.  मैने गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति से कहा कि यदि गोरखपुर विवि हमें प्रस्ताव भेजे तो हम यहां भी अंतरिक्ष विज्ञान का कोई केंद्र खोलना चाहेंगे.

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