Tuesday, May 17, 2022
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विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा बढ़ाने में पूर्व छात्रों की बड़ी भूमिका

गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग द्वारा तीन जुलाई को ऑनलाइन पूर्व छात्र सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता कुलपति प्रो राजेश सिंह ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में समाजशास्त्र विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. के. के. मिश्र की उपस्थिति रही।

समाजशास्त्र विभाग द्वारा आयोजित पुरा छात्र सम्मेलन के मुख्य अतिथि समाजशास्त्र विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो के. के. मिश्रा ने गोरखपुर विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग के कई दशक के इतिहास का वर्णन किया और प्रथम बैच से लेकर अबतक समाजशास्त्र विभाग के छात्रों और शिक्षकों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पूर्व छात्रों की उपलब्धियों से विभाग की प्रतिष्ठा बढ़ती है। यहाँ के समाजशास्त्र विभाग की देशभर में प्रतिष्ठा रही है। यह कहना अतिश्योक्ति नही कि देश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के शिक्षकों में सर्वाधिक संख्या गोरखपुर से पढ़े विद्यार्थियों की रही है।

उन्होंने कहा कि समाजशास्त्र सदैव से एक लोकप्रिय विषय रहा है। समाजविज्ञानों में समाजशास्त्र विषय का स्थान सबसे उपर है। यहाँ से पढ़े छात्रों से अपेक्षा है कि वह विषय की प्रतिष्ठा को बढ़ाये, कुछ कमियां हों तो दूर करें जिससे समाजशास्त्र विषय लोकप्रिय हो और इसकी सार्थकता बढ़े।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय पुरा छात्र सम्मेलन के माध्यम से यहाँ के पूर्व छात्रों को जोड़ने का प्रयास कर रहा है। किसी भी संस्थान की प्रतिष्ठा में पुरा छात्रों की बड़ी भूमिका होती है। आज गोरखपुर विश्वविद्यालय की रैंकिंग में वैश्विक स्तर पर सुधार हो राह है। विश्वविद्यालय के हिस्से में तमाम नई उपलब्धियां जुड़ रही है। ऐसे में पुरा छात्रों के सहयोग से विश्वविद्यालय विभिन्न प्रकार के नवाचार को प्रोत्साहित कर सकता है और विश्वविद्यालय की रैंकिंग को सुधारा जा सकता है।

कार्यक्रम में देश भर के विभिन्न विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, प्रशासनिक पदों, संस्थानों एवं निजी क्षेत्रों में कार्य कर रहे अनेक पूर्व छात्र कार्यक्रम में जुड़े। कार्यक्रम में पूर्व छात्र के रूप में प्रो कीर्ति पाण्डेय, प्रो सुभी धुसिया, प्रो अंजू, डॉ मनीष पाण्डेय, स्वामी प्रकाश पाण्डेय, राकेश भट्ट डॉ राकेश प्रताप सिंह, डॉ जया पाण्डेय, डॉ ब्रजेन्द्र कुमार, श्याम मोहन सिंह, डॉ कौलेश्वर, अभिषेक वर्मा, वंदना पाठक, डॉ आलोक, डॉ पंकज कुमार राय आदि ने अपने अनुभव साझा किये और सुझाव दिए। इस दौरान यह सुझाव आये कि एक विभागीय पत्रिका का प्रकाशन शुरू किया जाए। एलुमनाई फण्ड की व्यवस्था हो, जिसे फेलोशिप दी जा सके और पूर्व छात्रों के सहयोग से यहाँ के अध्ययनरत विद्यार्थियों के एक्सपोज़र की योजना भी बनाई जाए।

कार्यक्रम में अतिथियों एवं पूर्व छात्रों का स्वागत करते हुए विभागाध्यक्ष डॉ संगीता पाण्डेय ने कहा कि पूर्व छात्रों के सहयोग से विभाग को आगे बढ़ाने का काम किया जाएगा। पूर्व छात्रों के सुझाव अत्यंत मूल्यवान होंगे। आज के कार्यक्रम के बाद यह प्रयास किया जाएगा कि विभाग निरंतर यहाँ पढ़े विद्यार्थियों से संपर्क में रहे। इसके लिए विभागीय एलुमनाई सेल और व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया गया है।

कार्यक्रम का संचालन और अंत में आभार ज्ञापन समन्वयक डॉ अनुराग द्विवेदी ने किया।

इस दौरान विभागीय शिक्षकों डॉ प्रकाश प्रियदर्शी एवं डॉ पवन कुमार, मंतोष यादव, पूजा यादव, निधि समेत  अनेक पूर्व छात्रों की उपस्थित रही।

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