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वाम दलों और किसान संगठनों ने सोमवार को गोरखपुर में पुलिस की रोकटोक के बावजूद जुलूस निकालकर गोलघर में प्रदर्शन किया और तीनों कृषि कानून और श्रम कानूनों को खत्म करने की आवाज बुलंद की।

संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर गोरखपुर में संयुक्त वामदल ,भारतीय किसान यूनियन, लोकतांत्रिक जनता दल, राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकर्ता संयुक्त रुप से नगर निगम में एकजुट हुए और संयुक्त किसान यूनियन जिंदाबाद ,तीनों कृषि कानून रद्द करो ,चारों श्रम संहिता रद्द करो ,बिजली बिल 2020 वापस लो, योगी-मोदी सरकार मुर्दाबाद नारा लगाते हुए नगर निगम पार्क से निकले। पहले से मौजूद पुलिस बल ने रोकने की कोशिश की। इसको लेकर नगर निगम गेट पर जमकर धक्का-मुक्की हुई। पुलिस के रोकने के प्रयास को धता बताते हुए प्रदर्शनकारी सड़क पर आ गए और गोलघर, टाउन हॉल ,कचहरी चौराहा ,चेतना तिराहा से होते हुए कचहरी गेट तक जुलूस निकाला। गांधी प्रतिमा पहुंचकर जुलूस , सभा में बदल गया।

सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले जिला सचिव राजेश साहनी ने कहा आज किसान आंदोलन जन आंदोलन बन गया है। गोरखपुर में भी बंद का असर है। खेत-खेती-किसान बचाने ,रोजगार मान सम्मान का प्रश्न अब राजनीतिक मुद्दा बन गया है।आम जनता महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार से त्रस्त है।

भारतीय किसान यूनियन समाज के प्रदेश अध्यक्ष लाल सिंह ने कहा कि मोदी सरकार में किसान मजदूर सब तबाह हैं। महंगाई, बेरोजगारी ने लोगों का कमर तोड़ दी है। जनता इस सरकार को उखाड़ फेंकेगी।


सभा को संबोधित करते हुए भाकपा के राममूर्ति ,लोकतांत़िक जनता दल के गौतम लाल श्रीवास्तव ने कहा कि योगी की सरकार अब तक गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं कर पाई है। साढ़े चार साल के समय में कानून व्यवस्था लचर रही है। जनता इसका करारा जवाब देगी।

जुलूस और सभा में रामकिशुन सिंह चौधरी ,महेश्वर सिंह, विनोद भारद्वाज ,मनोरमा चौहान ,अहमद मूसा, महेंद्र सिंह राणा ,रवि शंकर सिंह, अश्वनी पांडे ,राम यश प्रसाद ,मोहम्मद शरीफ ,जयप्रकाश नारायण ,फतेह बहादुर सिंह, शंकर यादव ,उमेश सिंह, जयप्रकाश नारायण, सत्येंद्र यादव, अमरीश यादव, शिव बचन यादव, कामरेड शंकर, उमेश सिंह ,कामरेड लाल बिहारी, मुनि पंकज पासवान ,अजय भारती ,सुग्रीव निषाद आदि मुख्य रूप से शामिल रहे।

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