Wednesday, May 18, 2022
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दलित छात्रा की मौत के मामले में गृहविज्ञान विभागाध्यक्ष और उनके सहयोगियों पर हत्या का केस

गोरखपुर। नगर विधायक डा. राधा मोहन दास अग्रवाल सहित विभिन्न दलों और छात्रों के दबाव के बाद पुलिस ने गोरखपुर विश्वविद्यालय में दलित छात्रा की मौत में हत्या का केस दर्ज किया है। छात्रा के पिता की तहरीर पर विशविद्यालय की गृहविज्ञान विभाग की अध्यक्ष और उनके सहयोगियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।

गोरखपुर विश्वविद्यालय इस घटना की हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से जांच कराने की घोषणा की है।

गोरखपुर विश्वविद्यालय की बीएससी गृहविज्ञान की तृतीय वर्ष की छात्रा प्रियंका का शव 31 जुलाई को गृहविज्ञान विभाग के स्टोर रूम के पास ट्यूबलाइट की राॅड से लटकता पाया गया था। प्रियंका सुबह 8.30 बजे अपने भाई के साथ परीक्षा देने के लिए शिवपुर शहबाजगंज के पोखरा टोला स्थित अपने घर से निकली थी। सुबह नौ से 10.30 बजे परीक्षा दिया। इसके डेढ़ घंटे बाद उसका शव देखा गया। शव जिन परिस्थितियों में पाया गया, उससे हत्या के स्पष्ट संकेत मिल रहे थे लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन व कैंट पुलिस इसे आत्महत्या का ही मामला मान रही थी।

मौके पर पहुंचे प्रियंका के पिता विनोद और भाई मनीष ने बताया कि जिस दुपट्टे से प्रियंका का शव लटक रहा था, वह उसका नहीं है। उसका चप्पल कुछ दूर पर पड़ा है। प्रियंका के कपड़ों में मिट्टी लगी हुई है और उसकी घड़ी गायब है। उसके सिर पर भी चोट के निशान थे। प्रियंका का पैर जमीन पर टिका हुआ था।
शनिवार को पोस्टमार्टम में देरी होने पर परिजनों और मुहल्ले के लोगों ने बीआरडी मेडिकल कालेज पर हंगामा किया तब जाकर दो डाॅक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी करायी गयी। पोस्टमार्टम के बाद रात को शव परिजनों को सौंप दिया गया।

श्रविवार की सुबह नगर विधायक डा. राधा मोहन दास अग्रवाल शिवपुर शहबाजगंज स्थित विनोद के घर पहुंचे। विनोद ने अपनी बेटी की हत्या की आशका जतायी। इस पर विधायक डा अग्रवाल ने एसपी सिटी से बातचीत कर पोस्टमार्टम रिपोर्ट मंगवायी और प्रियंका के परिजनों को रिपोर्ट में लिखी गयी बातों को बताया। इसके बाद प्रियंका के पिता ने कैंट थाने जाकर तहरीर दी जिसके आधार पर पुलिस ने गृहविभाग विभाग की अध्यक्ष और उनके सहयोगियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया।

इस तहरीर में विनोद ने लिखा है कि ‘ 31 जुलाई को सुबह 8.30 बजे प्रियंका वार्षिक परीक्षा देने के लिए अपने भाई के साथ निकली। मेरा लड़का मेरी पुत्री कोे विश्वविद्यालय गेट पर छोड़ कर चला गया। करीब 12 बजे दिन में विश्वविद्यालय चैकी प्रभारी ने मेरी पुत्री प्रियंका की मृत्यु की सूचना दी तो वे परिवार के लोगों के साथ विश्वविद्यालय पहुंचे तो देखे कि मेरी पुत्री गृह विज्ञान विभाग की छत में लगे ट्यूब लाइट के फ्रेम से लटकी मिली। उसकी उस समय मृत्यु हो चुकी थी। मुझे पूरा विश्वास है कि मेरी पुत्री प्रियंका की गृह विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष एवं उनके सहयोगीगण ने मिलकर हत्या करके साजिश के तहत साक्ष्य छुपाने के लिए उसके शव को लटका दिया है। मौके पर मेरी पुत्री की घड़ी गायब है तथा दोनों पैर जमीन पर लगे थे और कुछ दूरी पर उसके चप्पल व अन्य सामान पड़े थे। मेरी पुत्री के कपड़े भी धूल धुसरित थे एवं उसके सिर के पीछे भाग पर चोट के स्पष्ट निशान थे। मुझे आशंका है कि उसके साथ कोई अनहोनी घटना हुआ है। ’

प्रियंका के परिजन, मुहल्ले के लोग रविवार की दोपहर दुबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। उनका कहना था कि दोबारा पोस्टमार्टम होने, एक करोड़ का मुआवजा मिलने और परिवार के एक सदस्य को नौकरी मिलने के आश्वासन पर ह ीवे बेटी का अंतिम संस्कार करेंगे। उनके घर पहुंचे कई दलों  के लोगों व छात्र नेताओं ने भी उनका साथ दिया। छात्र व युवा नेताओं ने विशविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की।
धरने की जानकारी मिलने पर एडीएम वित्त एवं राजस्व राजेश कुमार सिंह, सिटी मजिस्टेट अर्पित गुप्त, एसपी सिटी सोनम कुमार शिवपुर शहबाजगंज पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। बाद में डीएम भी वहां पहुंचे। काफी बातचीत के बाद परिजनों ने कहा कि वे सोमवार को प्रियंका का अंतिम संस्कार करेंगे।

प्रियंका के घर रविवार को कांग्रेस की जिलाध्यक्ष निर्मला पासवान, महानगर अध्यक्ष आशुतोष तिवारी, सपा नेता अन्नु प्रसाद, छात्र नेता अनिल दुबे, भाष्कर आदि भी पहुंचे और प्रियंका को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष का भरोसा दिलाया।

शाम को छात्रों ने विश्वविद्यालय गेट पर श्रद्धाजंलि सभा कर प्रियंका को श्रद्धाजंलि दी। छात्रों के एक समूह ने डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया।

इसी बीच गोरखपुर विश्वविद्यालय इस घटना की हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से जांच कराने की घोषणा की है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो राजेश सिंह ने कहा कि बीएससी गृह विज्ञान तृतीय वर्ष की छात्रा प्रियंका कुमारी के निधन के मामले की जांच विश्वविद्यालय प्रशासन ने हाइकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अगुवाई में न्यायिक जांच कराने का फैसला लिया है। चार सदस्यीय समिति में सेवानिवृत न्यायाधीश, एक कार्यपरिषद सदस्य के साथ दो विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी होंगे।
समिति द्वारा हर पहलू की जांच कर जल्द से जल्द रिपोर्ट विश्वविद्यालय प्रशासन को उपलब्ध कराई जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन की संवेदनाएं छात्रा के परिवार से है। उन्हें हर संभव सहयोग किया जाएगा। विश्वविद्यालय के अधिकारी छात्रा के परिवार से जल्द संपर्क करेंगे।

 

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