Saturday, August 13, 2022

Notice: Array to string conversion in /home/gorakhpurnewslin/public_html/wp-includes/shortcodes.php on line 356
Homeजल निगम कर्मियों को पांच महीने से नहीं मिल रहा है वेतन
Array

जल निगम कर्मियों को पांच महीने से नहीं मिल रहा है वेतन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश जल निगम के दस हजार अभियंताओं-कर्मचारियों और करीब 15 हजार रिटायर कर्मियों को एक बार फिर पांच महीने से वेतन और पेंशन नहीं मिल पा रही है।  रिटायर कर्मचारियों के देयकों का भी भुगतान चार वर्ष से अधिक समय लटका हुआ है। कोविड की दूसरी लहर में दिवंगत हुए डेढ़ सौ कर्मचारियों व पेंशनरों के परिजनों को भी उनका बकाया भुगतान नहीं हुआ है।

जल निगम कर्मियों और निगम के पेंशनरों को सितम्बर 2020 से जनवरी 2021 तक का वेतन व पेंशन बकाया था। कोविड-19 की दूसरी लहर के पहले जब जल निगम के अभियंताओं-कर्मचारियों ने आंदोलन किया तो उन्हें बकाया वेतन व पेंशन का भुगतान किया गया लेकिन फरवरी से जून महीने का वेतन व पेंशन फिर बकाया हो गया है।

उत्तर प्रदेश जल निगम संघर्ष समिति ने वेतन-पेंशन व अन्य देयकों के भुगतान के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री को दो जुलाई को पत्र भेजा है।
इस पत्र में कहा गया है कि सितम्बर 2020 से जनवरी 2021 तक का वेतन-पेंशन भुगतान हुआ है लेकिन फरवरी से जून तक का वेतन-पेंशन फिर से बकाया है। पत्र में सभी बकाया देयों का तत्काल भुगतान कराने की मांग की गई है।

मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में जिक्र किया गया है कि बकाया भुगतान न होने के कारण सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालय इलाहाबाद और उच्च न्यायालय की लखनउ खंडपीठ में 1100 से अधिक वाद चल रहे हैं। यही नहीं सरकार द्वारा जलनिगम के बकाया सेंटेज 2100 करोड़ का भी भुगतान नहीं किया गया है जबकि इस बारे में उच्च न्यायालय ने भुगतान का आदेश दिया था।

पत्र में विस्तार से जल निगम में वर्तमान संकट के कारणों का उल्लेख किया गया है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि उत्तर प्रदेश जल निगम में यह संकट इसलिए पैदा हुआ है क्योंकि प्रदेश सरकार ने इसके गठन के 45 वर्ष बाद भी अन्य विभागों व एजेंसियों के तरह इसके कर्मियों के वेतन-पेंशन देने की जिम्मेदारी स्वंय नहीं ली है।

जल निगम अपने काम से होने वाली आमदनी से वेतन-पेंशन का भुगतान करता है। उत्तर प्रदेश जल निगम का प्रदेश सरकार पर करीब 2100 करोड़ रूपए बकाया है जिसका वह भुगतान नही कर रही हैं। एक तरफ प्रदेश सरकार जल निगम की कमाई को उसको वापस नहीं दे रही है तो दूसरी तरफ उसके काम को दूसरे एजेसिंयों को दे रही है। इससे जलनिगम को दोहरा नुकसान हुआ है। उसकी कमाई काफी कम हो गयी है और वह एक तरह से लगातार ‘ बेरोजगारी ’ की तरफ बढ़ रहा है।

उत्तर प्रदेश जल निगम संघर्ष समिति के संयोजक रिटायर इजीक्यूटिव इंजीनियर डीपी मिश्र ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार पर इस वक्त जल निगम को सेंटेज के एवज में बकाया 2100 करोड़ है जबकि जल निगम में कार्य करने वाले अभियंताओं-कर्मचारियों के वेतन व रिटायर कर्मचारियों के पेंशन मद में बकाया 1100 करोड़ है। यदि सरकार सेंटेज का पैसा जल निगम को दे दे तो वेतन-पेंशन का भुगतान आसानी से हो जाएगा। उन्होंने बताया कि कोविड की दूसरी लहर में 150 जल निगम कर्मियो व रिटायर कर्मियों की मौत हुई है। उनके देयकों का भी भुगतान नहीं हुआ है।

मनोज कुमार सिंह
मनोज कुमार सिंह गोरखपुर न्यूज़ लाइन के संपादक हैं
RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments