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मदरसा आधुनिकीकरण योजना : पांच माह का राज्यांश जारी, चार साल का मानदेय अब भी बकाया

गोरखपुर। मदरसा आधुनिकीकरण योजना के तहत राज्य सरकार ने जिले के 150 से अधिक मदरसों के 450  शिक्षकों का बकाया पांच माह का राज्यांश जारी कर दिया है। जारी राज्यांश वर्तमान वित्तीय वर्ष के मार्च से जुलाई माह तक का है। फिलहाल आदेश की कापी अभी जिले में नहीं पहुंची है।

इसके तहत जिले के मदरसों में तैनात स्नातक शिक्षकों को दो हजार रुपया प्रतिमाह के दर से पांच माह का राज्यांश मिलेगा। वहीं करीब परास्नातक, बीएड डिग्री धारक शिक्षकों को तीन हजार रुपया प्रतिमाह की दर से पांच माह का राज्यांश मिलेगा।

राज्यांश लाट सं. 1891, 1446, 2108, 849, 456, 273, 672 व 1506 वाले मदरसों को ही मिलेगा।

बताते चलें कि फरवरी 2019 के बाद यह राज्यांश जारी हुआ है। करीब चार वर्ष हो चुके हैं लेकिन केंद्र सरकार द्वारा अभी तक केंद्रांश जारी नहीं किया है। जिसके लिए शिक्षक लखनऊ से लेकर दिल्ली तक जद्दोजहद कर रहे हैं। शिक्षक भुखमरी के कागार पर हैं। कई जिलों में तो शिक्षकों की आकस्मिक मौत भी हो चुकी है।

राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए राज्यांश से पांच माह के हिसाब से स्नातक शिक्षक को केवल दस हजार रुपया व परास्नातक शिक्षक को केवल पंद्रह हजार रुपया ही मिलेगा। मदरसा आधुनिकीकरण योजना के तहत शिक्षकों को मानदेय के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। चाहे वह केंद्रांश हो या राज्यांश।

केंद्र सरकार ने वर्ष 2014 -15, 2016 -17, 2017-18 व 2018 -19 व इसके बाद के वित्तीय वर्ष का केंद्रांश अभी तक जारी नहीं किया है। वह भी तब जबकि अधिकांश मदरसों की ओर से मदरसा पोर्टल पर पूर्ण ऑनलाइन विवरण उपलब्ध कराया जा चुका है।

काबिलगौर कि स्कीम फॉर प्रोवाइडिंग क्वॉलिटी एजुकेशन (मदरसा आधुनिकीकरण योजना) की शुरुआत मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा 2008-09 में मदरसों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए की गई थी।

यह योजना कांग्रेस सरकार ने शुरु की थी। यह वहीं शिक्षक है जिन पर मदरसों में आधुनिक शिक्षा देने का दारोमदार है। इस योजना के तहत मदरसा शिक्षकों को मानदेय का एक बड़ा हिस्सा केंद्र सरकार की तरफ से मिलता है। स्नातक शिक्षक को 6,000 व परास्नातक शिक्षक को 12,000 रुपये प्रतिमाह दिए जाने का प्राविधान है।

इसी योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा स्नातक शिक्षकों को 2,000 और परास्नातक शिक्षकों को 3,000 रुपये प्रतिमाह राज्यांश दिया जाता है। इसकी शुरुआत पूर्व सपा सरकार ने की थी। इस योजना के तहत प्रत्येक मदरसे में तीन शिक्षक रखे जा सकते हैं।

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