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”धार्मिकता बहुजन और कबीर ” विषय पर प्रोफ़ेसर कमलेश वर्मा ने व्याख्यान दिया 

गोरखपुर। विमर्श केंद्रित संस्था ‘आयाम’ के तत्वावधान में रविवार को जनवादी कवि ध्रुवदेव मिश्र पाषाण का अभिनंदन किया गया। यह कार्यक्रम शहर के सिनेमा रोड स्थित शाही मार्केट के अभियान थियेटर हाल में आयोजित हुआ है। इस अवसर पर कवि देवेंद्र आर्य की पुस्तक ‘पैदल इंडिया’ का लोकार्पण भी हुआ।

कार्यक्रम में ”धार्मिकता बहुजन और कबीर” विषय पर वाराणसी के प्रोफ़ेसर कमलेश वर्मा ने व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि कबीर अपने समय के ऐसे कवि थे जिन्होंने आध्यात्म को तो माना पर वे किसी भी प्रकार के धर्म के पक्ष में नहीं खड़े होते है। वे अध्यात्म को भी बेहद निजी मामला मानते हैं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता जानेमाने कथाकार और ‘गांव के लोग’ पत्रिका के संपादक रामजी यादव ने किया। एक साहित्यकार के दायित्व की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि देवेंद्र आर्य ऐसे दबंग कवि हैं जो अपनी कविता के लिए किसी भी बाधा को स्वीकार नहीं करते है। बाधा चाहे भाषा की हो, शिल्प का हो या फिर सौंदर्य शास्त्र का हो। ये कवि की प्रतिबद्धता को दर्शता है l देवेंद्र आर्य की प्रतिबद्धता बहुसंख्यक जन के साथ है, जो किसी भी तरह के तकलीफ में है।

 

कवि ध्रुवदेव मिश्र पाषाण ने कहा कि दुनिया में शोषण तभी खत्म होगा जब पाखंड समाप्त होगा क्योकि पाखंड ही शोषण की जमीन तैयार करता है। उन्होंने कहा कि साहित्य को धंधा होने से बचाना होगा और जो साहित्य धंधा होने बचा रहेगा वही जनपक्षधरता का साहित्य होगा।
देवेंद्र आर्य ने पाषाण जी की कविता ‘ लिट्टी पानी ‘ का पाठ करते हुए एक कवि के कर्म कि व्याख्या की।

 

देवेन्द्र आर्य की पुस्तक पैदल इंडिया के लोकपर्ण के पूर्व कथाकार अमित कुमार ने देवेंद्र आर्य के वक्तित्व और कृतित्व अपनी बात रखी। अजय सिंह ने उनकी पुस्तक पैदल इंडिया पर आलोचनात्मक टिप्पणी की।

इस अवसर पर कथाकार मदनमोहन, कवि वेदप्रकाश, प्रेम प्रकाश वर्मा, मोहन आनंद आज़ाद, कामिल खां सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार और साहित्यप्रेमी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन कवि श्रीधर मिश्र ने किया।

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