Thursday, December 8, 2022
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किसान विरोधी भाजपा को इस चुनाव में सजा दें : संयुक्त किसान मोर्चा

गोरखपुर। छठें चरण की चुनावी गहमा-गहमी के बीच सोमवार को प्रेस क्लब सभागार में संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं हन्नान मौला, योगेंद्र यादव, सुनीलम ने भाजपा सरकार को किसान विरोधी बताते हुए उसे चुनाव में सजा देने की अपील की।

प्रेसवार्ता में स्वराज पार्टी के योगेंद्र यादव ने कहा कि देश के किसानों ने अपनी फसल और नस्ल को बचाने के लिए एक ऐतिहासिक आंदोलन लड़ा। दिल्ली के बार्डर पर सर्दी, गर्मी और बरसात सही। सरकारी लाठियां खाई, दरबारी लोगों की गालियां सुनी। 700 से ज्यादा किसान साथियों ने शहादत दी। तब जाकर किसान विरोधी कानून वापस लेने को सरकार मजबूर हुई।

योगेंद्र यादव ने कहा कि इस आंदोलन की जीत से हर किसान को गर्व हुआ। किसान की एकता बनी रहे, किसान और लड़ाईयां भी जीते, इसमें हम सबका भला है। उन्होंने ने कहा कि हम यही बताने आए हैं कि किसानों का अपमान और दमन करने वाली पार्टी को इस चुनाव में सजा देने की जरूरत है। चुनाव में विकल्प के सवाल पर उन्होंने कहा कि हम सिर्फ सजा की अपील करने आये हैं। सजा कैसे देंगे, यह मुझे बताने की जरूरत नहीं है।

इस अवसर पर किसान नेता हन्नान मौला ने कहा कि हम कोई पॉलिटिकल पार्टी नहीं है। फिर भी किसान हित ही हम सबका पॉलीटिकल एजेंडा है। जो सरकार  किसानों की उपजाई अन्न खाकर उन्हें ही मारने और उनका अपमान करने पर उतारू हो उसे सबक सिखाना जरूरी है। यह चुनाव उसको सजा देने का एक मुफीद अवसर है। इसलिए हम चाहते हैं लोग किसान विरोधी भाजपा सरकार को जरूर सजा दें।

संयुक्त किसान मोर्चा ने बैठक में किसानों के नाम एक चिट्ठी के मार्फत अपनी अपील जारी की। इस चिट्ठी में किसान आंदोलन और किसानों की समस्याओं पर सरकारी झूठ, साजिश व षड्यंत्र की विस्तृत चर्चा है। इसमें कहा गया है कि भाजपा सरकार सच-झूठ की भाषा नहीं  समझती। संवैधानिक या असंवैधानिक का अंतर नहीं जानती। यह पार्टी एक ही भाषा समझती है- वोट, सीट, सत्ता।

लखीमपुर खीरी कांड की चर्चा करते हुए इसमें कहा गया है कि असली षड्यंत्रकारी मंत्री अब भी छुट्टा घूम रहा है क्योंकि भाजपा को चुनाव में अजय मिश्र टेनी की जरूरत है। इनके लिये किसानों की हत्या से ज्यादा बड़ा सवाल वोट का है। यही नीयत किसान विरोधी कानूनों के पीछे थी जो हमारी फसल को ही नहीं हमारी नसल को नष्ट कर देते। उनको जब लगा कि चुनाव हार सकते हैं, कानून वापस लो लिए। लेकिन अब अपने लिखित वादे से मुकर गए हैं।

चिट्ठी में भाजपा को सबक सिखाने के  लिए लोगों से मदद की अपील की गई है। जिसमें कहा गया है कि भाजपा का जो नेता वोट मांगने आये उससे किसानों के मुद्दे पर जरूर पूछे। एक किसान का दर्द किसान ही समझ सकता है, इसलिए वोट डालते समय इस चिट्ठी को जरूर याद रखें। बैठक और प्रेसवार्ता में संयुक्त किसान मोर्चा के राजवीर सिंह जादौन सहित कई नेता मौजूद थे।

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