Thursday, March 23, 2023
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‘मान-सम्मान और खुशहाली के लिए अलग पूर्वांचल राज्य जरुरी’

पूर्वांचल स्वराज आन्दोलन के जिला सम्मेलन में राज्य विकास का मॉडल बनाने पर हुई चर्चा

कसया (कुशीनगर)। नगर स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय परिसर में पूर्वांचल राज्य गठन को लेकर 13 जनवरी को जिला स्तरीय सम्मेलन का आयोजन पूर्वांचल स्वराज आंदोलन द्वारा किया गया। वक्ताओं ने पूर्वांचल की बदहाली, कंगाली के लिए केंद्र व प्रदेश में सरकार बनाने वाले राजनीतिक दलों को जिम्मेदार ठहराया। सम्मेलन में निर्णय लिया गया कि पूर्वांचल राज्य की स्थापना के लिए सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ी जायेगी।

सम्मेलन में मुख्य वक्ता जन संस्कृति मंच के महासचिव एवं वरिष्ठ पत्रकार मनोज कुमार सिंह ने कहा कि आजादी के इतने दिनों बाद भी पूर्वांचल का विकास नहीं हो पाया. पूर्वांचल में भुखमरी और बिमारियों से लोग मर रहे हैं. रोजगार के लिए युवा मुंबई, दिल्ली , गुजरात में पलायन कर रहा है. वहां उसे अपमानित भी होना पड़ रहा है. मानव विकास के हर सूचकांक पर पूर्वांचल न सिर्फ उत्तर प्रदेश का बल्कि देश के किसी भी इलाके की तुलना में सबसे पीछे है. हुकमरानों की उपेक्षा का परिणाम है कुशीनगर की पांच , महराजगंज की दो, देवरिया की चार चीनी मिलें बंद हैं. उन्होंने पश्चिमी बिहार के पञ्च जिलों और गोरखपुर, बस्ती, आजमगढ़ मंडल के जिलों को मिलकर नया राज्य बनाने की वकालत की. मान, सम्मान और खुशहाली के लिए अलग पूर्वांचल राज्य जरूरी है.

उन्होंने कहा कि छोटे राज्य बोझ हैं, यह कहना सही नहीं है। पूर्वांचल में प्राकृतिक सम्पदा, उपजाऊ भूमि और मानव शक्ति भरपूर है. इसका लाभ पूर्वांचल को ही मिलना चाहिए. श्री सिंह ने कहा कि  नए राज्य के विकास का मॉडल बनाने के लिए फ़रवरी माह में गोरखपुर में सम्मेलन होगा।

पूर्वांचल स्वराज आन्दोलन के संयोजक शिवाजी राय ने कहा कि पूर्व के आंदोलनों में जनता को पूर्वांचल के नाम पर छाला गया लेकिन अब ऐसा नहीं होने दिया जायेगा। अब जरूरत है सभी जनआंदोलनों को एक मंच पर आने की। सहसंयोजक जनार्दन शाही ने कहा कि आपसी भेद भुलाकर गंभीर चिंतन की जरूरत है। गरीब किसान व मजदूर को ध्यान में रख लड़ाई लड़ी जाय। पूर्वांचल राज्य पर अपनी नीति स्पष्ट होनी चाहिए कि यह आम जनता का हो।

रालोद जिलाध्यक्ष रामभवन राव ने पूर्वांचल का हक मारने वाली ताकतों का बहिष्कार का आह्वान करते हुए संगठन पर जोर दिया. मायानन्द सिंह, विनोद कुंवर, राजेन्द्र मौर्य, अल्ताफ हुसैन, रामनगीना गोंड, अमरनाथ मिश्रा, भगवान दयाल विश्वकर्मा ने भी सम्मेलन को संबोधित किया।

भूमि बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष गोवर्धन प्रसाद गोंड ने सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए पूर्वांचल की मांग को आंदोलन बनाने की अपील की। संचालन कर रहे भाकियू के मंडल अध्यक्ष अधिवक्ता उदयभान यादव ने कहा विकास के लिए नए राज्य की स्थापना समय की मांग है। अब हमारी मांग को कोई दबा नहीं सकता। अंत में समूह चर्चा के दौरान आंदोलन की रणनीति और आसन्न लोकसभा चुनाव पर सुझाव आये जिसमें चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों से चुनावी घोषणा पत्र में पूर्वांचल की मांग सदन में उठाने का संकल्प पत्र भरवाने की बात कही गई।

इस अवसर पर रामगुलाब यादव, घनश्याम राय, सिंहासन सिंह, केदार सिंह, राधेश्याम भारती, नरेंद्र शर्मा, संजय सिंह, अशोक कुशवाहा, दशरथ यादव, आबदीन अंसारी, बदरी कुशवाहा, इंद्रजीत गोंड, अमरजीत सिंह, श्यामलाल प्रसाद, मनोज कश्यप, दीपक कश्यप सहित गणमान्य जन उपस्थित रहे।

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